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प्रश्न
सभी व्यक्तियों में समान बुद्धि क्षमता नहीं होती। कैसे अपनी बुद्धि योग्यताओ में लोग एक दूसरे से भिन्न होते है? व्याख्या कीजिए।
उत्तर
सभी व्यक्तियों में समान बौद्धिक क्षमता समान नहीं होती। कुछ व्यक्ति असाधारण रूप से तीव्र बुद्धि वाले होते हैं तथा कुछ औसत से कम बुद्धि वाले। ऐसे व्यक्ति जिनमे बौद्धिक न्यूनता होती है उन्हें मानसिक रूप से मंदीत कहा जाता है। बौद्धिक बुद्धि वाले व्यक्ति की बुद्धि - लब्धि में भी व्यक्तिगत भिन्नताएँ पाई जाती है। जिन व्यक्तियों को मानसिक रूप से मंदित के समूह में वर्गीकृत किया जाता है उनकी योग्यताओं में भी पर्याप्त भिन्नताएँ दिखाई पड़ती हैं। उनमे से कुछ ऐसे व्यक्ति को विशेष ध्यान देकर साधारण प्रकार के कार्य करना सिखाया जा सकता है परन्तु कुछ ऐसे व्यक्ति भी होते है जिन्हे कोई प्रशिक्षण नहीं दिया जा सकता है और उन्हें जीवनभर संस्थगत देखभाल की आवशयकता पड़ती हैं।
किसी जनसंख्या की बुद्धि - लब्धि प्राप्तांक का माध्य १०० होता है। बुद्धि - लब्धि की संख्याएँ मानसिक रूप से मंदित व्यक्तियों के भिन्न - भिन्न वर्गो को समझने में सहायक होती हैं। मानसिक मंदन के विभन्न वर्ग इस प्रकार होते हैं - निम्र मंदन (बुद्धि - लब्धि ५५ से ६९ के बिच), सामान्य मंदन (बुद्धि लब्धि ४० से ५४ के बीच) तथा अतिगंभीर मंदन (बुद्धि लब्धि २५ से कम)निम्र मंदन वाले व्यक्तियों का विकास यधपि अपने समान आयु वाले व्यक्तियो के अपेक्षा धीमा होता है वे स्वतंत्र होकर अपने सभी कार्य कर लेते है, कोई नौकरी भी कर सकते है और अपने परिवार की देखभाल भी कर सकते हैं। मंदन की मात्रा जैसे - जैसे बढ़ती जाती है, कठिनाइया अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ने लगती हैं। सामान्य मंदन वाले व्यक्ति अपने साथ के लोगो से भाषा के उपयोग तथा अन्य पेशिया कौशलों को सिखने में पीछे रह जाते है। उन्हें अपनी दैनिक देखभाल करने और सरल प्रकार के सामाजिक तथा संप्रेषण कौशलों के लिए प्रशिक्षित की आवश्यकता पड़ती है। तीव्र मंदन और अतिगंभीर मंदन वाले व्यक्ति अपने जीवनपयन करने में अक्षम होते हैं और जीवन भर उनकी लगातार देखभाल करते रहने की आवश्यकता होती है।
अपनी उत्कृष्ट संभाव्यताओं के कारण बौद्धिक रूप से प्रतिभाशाली व्यक्तियों का निष्पादन श्रेष्ठ प्रकार का होता है। बुद्धि व्यावसायिक सफलता और जीवन में समायोजन के साथ संबंधित होता है। किसी व्यक्ति की प्रतिभाशाली उसकी उच्च योग्यता, उच्च सर्जनात्मक तथा उच्च प्रतिबद्धता जैसे गुणों के संयोजन पर निर्भर करती है।
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