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शिशु किसे अनिमेष ताके जा रहा था और क्यों? - Hindi Course - A

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प्रश्न

शिशु किसे अनिमेष ताके जा रहा था और क्यों?

एका वाक्यात उत्तर

उत्तर

शिशु अनिमेष कवि को ताके जा रहा था। इसका कारण यह था कि प्रवास में रहने के कारण कवि काफ़ी दिनों बाद घर आया था और शिशु उसे पहली बार देखने के कारण पहचान नहीं पा रहा था। शिशु के लिए कवि अपरिचित था और उसे पहचानने का प्रयास कर रहा था।

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यह दंतुरित मुसकान
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पाठ 6: नागार्जुन - यह दंतुरहित मुस्कान और फसल - अतिरिक्त प्रश्न

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एनसीईआरटी Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
पाठ 6 नागार्जुन - यह दंतुरहित मुस्कान और फसल
अतिरिक्त प्रश्न | Q 6

संबंधित प्रश्‍न

बच्चे की दंतुरित मुसकान का कवि के मन पर क्या प्रभाव पड़ता है?


भाव स्पष्ट कीजिए -

छोड़कर तालाब मेरी झोंपड़ी में खिल रहे जलजात।


मुसकान और क्रोध भिन्न-भिन्न भाव हैं। इनकी उपस्थिति से बने वातावरण की भिन्नता का चित्रण कीजिए।


दंतुरित मुसकान से बच्चे की उम्र का अनुमान लगाइए और तर्क सहित उत्तर दीजिए।


बच्चे से कवि की मुलाकात का जो शब्द-चित्र उपस्थित हुआ है उसे अपने शब्दों में लिखिए।


‘मृतक में भी डाल देगी जान’ का आशय स्पष्ट कीजिए।


यह दंतुरित मुसकान कविता में ‘बाँस और बबूल’ किसके प्रतीक बताए गए हैं? इन पर शिशु की मुसकान का के या असर होता है?


‘पिघलकर जल बन गया होगा कठिन पाषाण’ के माध्यम से कवि क्या कहना चाहता है?


कवि शिशु की ओर से आँखें क्यों फेर लेना चाहता है?


“यह दंतुरित मुसकान’ कविता में कवि ने किन्हें धन्य कहा है और क्यों?


'दंतुरित मुस्कान' कविता में कवि को शिशु का धूल-धूसरित शरीर प्रतीत होता है?


'दंतुरित मुस्कान' का कवि स्वयं को चिर प्रवासी क्यों कह रहा है?


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