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प्रश्न
समस्या समाधान की बाधाओं की पहचान कीजिए।
दीर्घउत्तर
उत्तर
समस्या समाधान के दो प्रमुख अवरोध निम्नलिखित हैं:
- मानसिक विन्यास -
मानसिक विन्यास व्यक्ति के समस्या समाधान करने की एक प्रवृत्ति है जिसमें वह पहले से प्रयोग की गई मानसिक संक्रियों अथवा उपायों का अनुसरण करता है। किसी विशिष्ट युक्ति की पूर्व सफलता नई समस्या के समाधान में कभी-कभी सहायक होगी। यद्यपि यह प्रवृत्ति मानसिक दृढ़ता भी उत्पन्न करती है जो समस्या के समाधानकर्ता के लिए नए नियमों या युक्तियों के विषय में सोचने में बाधक बनती है। अतः कुछ स्थितियों में जहाँ मानसिक विन्यास समस्या समाधान की गुणवत्ता और गति में वृद्धि करता है वहीं अन्य स्थितियों में यह समस्या समाधान को बाधित करता है। आपने इसका अनुभव अपनी पाठयपुस्तक की गणितीय समस्यायों को हल करते समय किया होगा। कुछ प्रश्नों को हल कर लेने के बाद, आप इन प्रश्नों को हल करने के लिए आवश्यक नियमों के बारे में एक धारणा विकसित कर लेते हैं और बाद में आप उन्हीं नियमों का अनुसरण करते चले जाते हैं, उस समय तक जब तक कि आप असफल नहीं हो जाते। इस समय आप पहले से प्रयुक्त नियमों का परिहार करने में कठिनाई का अनुभव कर सकते हैं। ये नियम आपको नई युक्तियों पर विचार करने में बाधा उत्पन्न करेंगे। फिर भी हम दिन -प्रतिदिन के कार्यों में प्रायः मिलती-जुलती या संबंधित समस्याओं के पूर्व अनुभव पर निर्भर करते हैं।
मानसिक विन्यास के समान ही, समस्या समाधान में प्रकार्यात्मक स्थिरता (Functional fixedness) उस समय उत्पन्न होती है जब लोग किसी चीज या परिस्थिति के सामान्य प्रकार्यों पर स्थिर हो जाने के कारण समस्या का हल करने में विफल हो जाते हैं। यदि आपने कभी मोटी दफ्ती मढ़ी हुई पुस्तक का उपयोग कील ठोकने के लिए किया है तो आप मानसिक स्थिरता को पार कर चुके हैं। - अभिप्रेरणा का अभाव -
सभी लोग समस्या का समाधान करने में कुशल हो सकते हैं परंतु वे अभिप्रेत नहीं है तो उनकी दक्षता एवं योग्यता किसी काम की नहीं है। कभी -कभी लोग जब पहले ही चरण को पूरा करने में कठिनाई या असफलता का अनुभव करते हैं तो वे शीग्रह ही निराश होकर कार्य छोड़ देते हैं। अतः समस्या का समाधान या हल ढूँढने के लिए कठिनाई के बाद भी उन्हें अपने प्रयास में निरंतर लगे रहने की आवश्यकता है।
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समस्या समाधान
या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?