Advertisements
Advertisements
Question
25°C, 38°C तथा 66°C को केल्विन मापक्रम में परिवर्तित करने पर इन तापमानों का सही अनुक्रम होगा -
Options
298 K, 311 K तथा 339 K
298 K, 300 K तथा 338 K
298 K, 278 K तथा 543 K
298 K, 310 K तथा 338 K
Solution
25°C, 38°C तथा 66°C को केल्विन मापक्रम में परिवर्तित करने पर इन तापमानों का सही अनुक्रम होगा - 298 K, 311 K तथा 339 K
स्पष्टीकरण -
तापमान पैमाने को सेल्सियस पैमाने से केल्विन पैमाने में बदलने के लिए, बस दिए गए मानों में 273K जोड़ें। इसलिए, 25⁰ C, 38⁰ C और 66⁰ C के केल्विन पैमाने में तापमान क्रमशः 298K, 311K और 339K होगा।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित तापमान पर जल की भौतिक अवस्था क्या है?
100°C
पदार्थ के कणों की क्या विशेषताएँ होती हैं?
पदार्थ की विभिन्न अवस्थाओं के गुणों में होने वाले अंतर को सारणीबद्ध कीजिए।
निम्नलिखित पर टिप्पणी कीजिए-
दृढ़ता, संपीड्यता, तरलता, बर्तन में गैस का भरना, आकार, गतिज ऊर्जा एवं घनत्व।
निम्नलिखित तापमान को सेल्सियस में बदलें।
300 K
कुछ पदार्थों को उनके कणों के मध्य आकर्षण बलों के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित किया गया है। निम्नलिखित में से कौन-सा सही व्यवस्था को निरूपित करता है?
डाइएथिल ईथर, एसीटोन तथा n ब्यूटिल अल्कोहल के क्वथनांक क्रमशः 35°C 56°C तथा 118°C हैं। निम्नलिखित में से कौन-से क्वथनांकों का केल्विन मापक्रम में सही निरूपण है?
रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए -
______ अवस्था में कणों का विन्यासक्रम क्रमित होता है। यद्यपि ______ अवस्था में कोई क्रम नहीं होता है।
कॉलम 'A' तथा कॉलम 'B' में कुछ भौतिक राशियों के क्रमश : SI रहित तथा SI मात्रक दिये गये हैं। एक समान भौतिक राशि से संबंधित मात्रकों को सुमेलित कीजिए -
(A) | (B) | ||
(a) | डिग्री सेल्सियस | (i) | किलोग्राम |
(b) | सेंटीमीटर | (ii) | पास्कल |
(c) | ग्राम प्रति घन सेंटीमीटर | (iii) | मीटर |
(d) | बार | (iv) | केल्विन |
(e) | मिलीग्राम | (v) | किलोग्राम प्रति घनमीटर |
निम्नलिखित को परासरण / विसरण में वर्गीकृत कीजिए -
- जल में रखने पर किशमिश का फूलना
- छींकने पर वायरस का फैलना
- नमक के संपर्क में आने पर केंचुए का मरना
- शक्कर की गाढ़ी चाशनी में रखने पर अंगूर का सिकुड़ना
- लवण में अचार का परिरक्षण
- केक को सेकने पर उसकी गंध का पूरे घर में फैलना
- श्वसन के दौरान, जल में घुलित ऑक्सीजन का जलीय प्राणियों द्वारा उपयोग