English

3.0 mm तथा 6.0 mm व्यास की दो संकीर्ण नलियों को एक साथ जोड़कर दोनों सिरों से खुली एक U-आकार की नली बनाई जाती है। यदि इस नली में जल - Physics (भौतिक विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

3.0 mm तथा 6.0 mm व्यास की दो संकीर्ण नलियों को एक साथ जोड़कर दोनों सिरों से खुली एक U-आकार की नली बनाई जाती है। यदि इस नली में जल भरा है तो इस नली की दोनों भुजाओं में भरे जल के स्तरों में क्या अंतर है। प्रयोग के ताप पर जल का पृष्ठ-तनाव 7.3 × 10-2 N m-1 है। स्पर्श कोण शून्य लीजिए तथा जल का घनत्व 10 × 103 kg m-3 लीजिए। (g = 9.8 ms-2)

Numerical

Solution

त्रिज्याएँ r1 = 1.5 × 10-3 m, r2 = 3.0 × 10-3 m,
जल का पृष्ठ-तनाव S = 7.3 × 10-2 N m-1,
जल का घनत्व ρ = 1.0 × 103 kg m-3, g = 9.8 ms-2

पृष्ठ-तनाव की अनुपस्थिति में दोनों नलिकाओं में जल का तल समान ऊँचाई पर होता है।

माना पृष्ठ-तनाव के कारण जल दोनों ओर क्रमशः h1 व h2 ऊँचाई तक चढ़ता है तो दोनों नलिकाओं में जल के तल का अंतर

`"h"_1 - "h"_2 = (2  "S"  "cos"0^circ)/("r"_1rho"g") - (2  "S"  "cos"0^circ)/("r"_2rho"g")`

= `(2  "S")/(rho"g") [1/"r"_1 - 1/"r"_2]` 

= `(2 xx 7.3 xx 10^-2  "N""m"^-1)/(10^3  "kg"  "m"^-3 xx 9.8  "m""s"^-2 )[1/(1.5 xx 10^-3) - 1/(3.0 xx 10^-3)]`

= 1.49 × 10-2 [0.67 - 0.33] m

= 0.51 × 10-2 m

= 5.1 mm

shaalaa.com
पृष्ठ तनाव
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 10: तरलों के यांत्रिक गुण - अभ्यास [Page 285]

APPEARS IN

NCERT Physics [Hindi] Class 11
Chapter 10 तरलों के यांत्रिक गुण
अभ्यास | Q 10.30 | Page 285

RELATED QUESTIONS

स्पष्ट कीजिए क्यों

पारे का काँच के साथ स्पर्श कोण अधिक कोण होता है जबकि जल का काँच के साथ स्पर्श कोण न्यूनकोण होता है।


स्पष्ट कीजिए क्यों

यदि किसी बाह्य बल का प्रभाव न हो तो द्रव बूँद की आकृति सदैव गोलाकार होती है।


व्यापक रूप में द्रवों का पृष्ठ-तनाव ताप बढने पर ______  है।


दृढ़ता प्रत्यास्थता गुणांक वाले ठोसों के लिए अपरूपण प्रतिबल ______ के अनुक्रमानुपाती होता है, जबकि द्रवों के लिए वह ______ के अनुक्रमानुपाती होता है।


निम्नलिखित के कारण स्पष्ट कीजिए -

किसी पात्र के बारीक छिद्र से निकलने वाला तरल उस पर पीछे की ओर प्रणोद आरोपित करता है।


ऊँची एड़ी के जूते पहने 50 kg संहति की कोई बालिका अपने शरीर को 1.0 cm व्यास की एक ही वृत्ताकार एड़ी पर संतुलित किए हुए है। क्षैतिज फर्श पर एड़ी द्वारा आरोपित दाब ज्ञात कीजिए।


किसी U-नली की दोनों भुजाओं में भरे जल तथा मेथेलेटिड स्पिरिट को पारा एक-दूसरे से पृथक् करता है। जब जल तथा पारे के स्तंभ क्रमशः 10 cm तथा 12.5 cm ऊँचे हैं तो दोनों भुजाओं में पारे का स्तर समान है। स्पिरिट का आपेक्षिक घनत्व ज्ञात कीजिए।


U-आकार के किसी तार को साबुन के विलयन में डुबो कर बाहर निकाला गया जिससे उस पर एक पतली साबुन की फिल्म बन गई। इस तार के दूसरे सिरे पर फिल्म के सम्पर्क में एक फिसलने वाला हलका तार लगा है जो 1.5 × 10-2 N भार (जिसमें इसका अपना भार भी सम्मिलित है) को सँभालता है। फिसलने वाले तार की लंबाई 30 cm है। साबुन की फिल्म का पृष्ठ-तनाव कितना है?


3.00 mm त्रिज्या की किसी पारे की बूँद के भीतर कमरे के ताप पर दाब क्या है? 20°C ताप पर पारे का पृष्ठ तनाव 4.65 × 10-1 N m-1 है। यदि वायुमण्डलीय दाब 1.01 × 105 Pa है तो पारे की बूँद के भीतर दाब-आधिक्य भी ज्ञात कीजिए।


1425 m³ आयतन का हीलियम से भरा कोई बड़ा गुब्बारा 400 kg के किसी पेलोड को उठाने के काम में लाया जाता है। यह मानते हुए कि ऊपर उठते समय गुब्बारे की त्रिज्या नियत रहती है, गुब्बारा कितनी अधिकतम ऊँचाई तक ऊपर उठेगा? . [y0 = 8000 m तथा ρHe = 0.18 kg m-3 लीजिए।]


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×