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आधुनिक युग में बढ़ती प्रदर्शन प्रवृत्ति ' विषय पर अपनेविचार लिखिए। - Hindi

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Question

आधुनिक युग में बढ़ती प्रदर्शन प्रवृत्ति ' विषय पर अपने
विचार लिखिए।

Short Note

Solution

आज का युग प्रदर्शन का युग है। आज छोटे-मोटे काम भी तड़क-भड़क के बिना संपन्न नहीं होते। सामान्य जीवन, खान पान, पोशाकों, धार्मिक तथा सामाजिक समारोहों, विलासिता की वस्तुओं आदि सब में प्रदर्शन की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है। इस तरह के दिखावे में पैसा पानी की तरह बहाया जा रहा है। छोटे बच्चे के जन्मदिन मनाने का समारोह हो या शादी की वर्षगाँट, सब कुछ इतने बड़े पैमाने पर होता है, जो छोटे-मोटे विवाह-समारोह जैसे लगते हैं। गाड़ी की जरूरत न होने पर भी अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों में अपनी प्रतिष्ठा बढ़ाने के लिए महँगी कार खरीदी जाती है। शादी-ब्याह में तो प्रदर्शन की हद ही पार हो जाती है। भारी-भरकम आर्केस्ट्रा, कारों का काफिला, घोड़े, हाथी, पालकी... क्या-क्या नहीं होता। आज हालत यह है कि चाहे संपन्न आदमी हो या सामान्य व्यक्ति सभी प्रदर्शन की इस आँधी के शिकार हैं। लोगों की प्रदर्शन की यह प्रवृत्ति जाने कब रुकेगी।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (11th Standard)
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Chapter 9: गजलें (दोस्ती, मौजूद) - अभिव्यक्ति [Page 49]

APPEARS IN

Balbharati Hindi - Yuvakbharati 11 Standard Maharashtra State Board
Chapter 9 गजलें (दोस्ती, मौजूद)
अभिव्यक्ति | Q 2 | Page 49

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निम्न पंक्तियों में से प्रतीकात्मक पंक्ति छाँटकर उसके स्पष्ट कीजिए –
(1) चलते-चलते जो कभी गिर जाओ।
(2) रात की कोख ही से सुबह जन्म लेती है।
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जानकारी दीजिए:
त्रिवेणी काव्य प्रकार की विशेषताएँ:

(१) ____________

(२) ____________


जानकारी दीजिए:
त्रिपुरारि जी की अन्य रचनाएँ - __________________


जानकारी दीजिए :

गिरिजाकुमार माथुर जी केकाव्यसंग्रह -


लिखिए -

‘मैं ही मुझको मारता’ से तात्पर्य ____________


सहसंबंध जोड़कर अर्थपूर्ण वाक्य बनाइए –

(१) पाती प्रेम की

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‘‘जिनकी रख्या तूँ करैं ते उबरे करतार’’, इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।


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‘प्रेम और स्नेह मनुष्य जीवन का आधार है’, इस संदर्भ में अपना मत लिखिए।


निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

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निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

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निम्नलिखित वाक्य शुद्ध करके फिर से लिखिए -

तूम नेदीपक जेब मेंक्यों रख लिया?


निम्नलिखित पंक्तियों का भाव सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -

‘‘जलपुट आनि धरनि पर राख्यौ।
गहि आन्यौ वह चंद दिखावै।।’’


जानकारी दीजिए :

संत सूरदास के प्रमुख ग्रंथ - ____________ ____________


निम्नलिखित असत्य कथनों को कविता के आधार पर सही करके लिखिए –
अब यह आत्मा बलवान और सक्षम हो गई है और छटपटाती छाती को वर्तमान में सताती है।


जो कुछ भी मेरा है वह तुम्हें प्यारा है, इस पंक्ति से कवि का मंतव्य स्पष्ट कीजिए।


अपनी जिंदगी को सहर्ष स्वीकारना चाहिए' इस कथन परअपने विचार लिखिए।


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उपर्युक्त पंक्तियों का आशय स्पष्ट कीजिए।


मातृभूमि की महत्ता को अपनेशब्दों मेंव्यक्त कीजिए।


गिरमिटियों की भावना तथा कवि की संवेदना को समझतेहुए कविता का रसास्वादन कीजिए।


जानकारी दीजिए :

अन्य प्रवासी साहित्यकारों के नाम -


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