Advertisements
Advertisements
Question
आप अपने सहपाठियों के साथ किसी पर्वतारोहण के लिए गए थे । वहाँ के रोमांचक अनुभव को शब्दबद्ध कीजिए।
Solution
पहाड़ किसे आकर्षित नहीं करते? पिछले साल हमारे कुछ मित्रों ने लोनावाला - खंडाला की पहाड़ियों पर चढ़ने का निश्चय किया। पर्वत पर चढ़ने के लिए सभी साथियों ने कीलदार जूते, हमारा वजन सँभाल सकें, ऐसी रस्सी, चट्टान पर फँसने वाली कटिया, कुल्हाड़ी, खाने-पीने का सामान आदि लिया तथा लोनावाला जाने के लिए ट्रेन पकड़ी।
लोनावाला में हम साथियों ने एक लाज में अपना सामान रखा। पास में केवल वही सामान रखा, जो पहाड़ी पर चढ़ने में सहायक हो सकते थे। हम सभी पर्वतारोहण के लिए निकल पड़े। हम सबने अपने साथ प्रथम उपचार के सामान भी रखे थे। हम कुल सात साथी थे। पहाड़ी की तलहटी में पहुँचकर हमने पर्वत पर चढ़ना प्रारंभ किया। जहाँ चट्टानें सीधी थीं, वहाँ हम पेड़ों और लताओं की सहायता लेकर ऊपर चढ़े। कुल्हाड़ी से हम उन झाड़ियों को काटते जाते थे, जो हमारी चढ़ाई में बाधक होती थीं। पर्वतारोहण का यह कार्यक्रम दोपहर तक चला। हमारे कुछ मित्रों को असावधानी के कारण चोटें भी लगीं। हम सबने उनको प्रथम उपचार दिया। दोपहर तक हम एक पहाड़ी पर थे। विजय की खुशी में हमने वहीं भोजन भी किया। मित्रों ने कुछ गीत भी सुनाए। अब हम लोग उस पहाड़ी से उतरने की तैयारी करने लगे। पहाड़ पर चढ़ते समय जो सावधानी बरती जाती है, वहीं सावधानी नीचे उतरते समय भी हम लोगों ने बरती। हम सकुशल पहाड़ की तलहटी में उतर आए। हमारा यह पर्वतारोहरण का अनुभव सुखद था।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
‘हिमालय पर्वत की बर्फ पिघलकर खत्म हो जाए तो’ इसपर अपने विचार लिखिए।
‘एवरेस्ट’ नाम क्यों पड़ा, जानकारी प्राप्त कीजिए।
भारत में आकर हालात फिर वही थे। एवरेस्ट के लिए जितने पैसे आवश्यक थे उतने मेरे पास नहीं थे। आखिर मेरे पिता जी ने अपना घर गिरवी रखा। माँ और बहनों ने अपने गहने बेच दिए और जीजा जी ने ऋण ले लिया। सब कुछ दाँव पर लगाकर मैं एवरेस्ट चढ़ाई के लिए निकल पड़ा। काठमांडू से एवरेस्ट जाते समय ‘नामचे बाजार’ से एवरेस्ट शिखर का प्रथम दर्शन हुए। मैंने पुणे की टीम ‘सागरमाथा गिर्यारोहण संस्था’ के साथ इस मुहीम पर था। बहुत जल्द हमने १९००० फीट पर स्थित माउंट आयलैड शिखर पर चढ़ाई की। इसके बाद हम एवरेस्ट बेसकैंप में पहुँचे। चढ़ाई के पहले पड़ाव पर सागरमाथा संस्था के अध्यक्ष रमेश गुळवे जी को पक्षाघात का दौरा पड़ा। उन्हें वैद्यकीय उपचार के लिए काठमांडू से पूना ले गए किंतु उनका देहांत हो गया। मैं और मेरे सााथियों पर मानो दुख का एवरेस्ट ही टूट पड़ा। फिर भी हमने आगे बढ़ने का निर्णय लिया। |
आकृति पूर्ण कीजिए:
भारत में आकर हालात फिर वही थे। एवरेस्ट के लिए जितने पैसे आवश्यक थे उतने मेरे पास नहीं थे। आखिर मेरे पिता जी ने अपना घर गिरवी रखा। माँ और बहनों ने अपने गहने बेच दिए और जीजा जी ने ऋण ले लिया। सब कुछ दाँव पर लगाकर मैं एवरेस्ट चढ़ाई के लिए निकल पड़ा। काठमांडू से एवरेस्ट जाते समय ‘नामचे बाजार’ से एवरेस्ट शिखर का प्रथम दर्शन हुए। मैंने पुणे की टीम ‘सागरमाथा गिर्यारोहण संस्था’ के साथ इस मुहीम पर था। बहुत जल्द हमने १९००० फीट पर स्थित माउंट आयलैड शिखर पर चढ़ाई की। इसके बाद हम एवरेस्ट बेसकैंप में पहुँचे। चढ़ाई के पहले पड़ाव पर सागरमाथा संस्था के अध्यक्ष रमेश गुळवे जी को पक्षाघात का दौरा पड़ा। उन्हें वैद्यकीय उपचार के लिए काठमांडू से पूना ले गए किंतु उनका देहांत हो गया। मैं और मेरे सााथियों पर मानो दुख का एवरेस्ट ही टूट पड़ा। फिर भी हमने आगे बढ़ने का निर्णय लिया। |
परिच्छेद से प्राप्त प्रेणा लिखिए।
भारत में आकर हालात फिर वही थे। एवरेस्ट के लिए जितने पैसे आवश्यक थे उतने मेरे पास नहीं थे। आखिर मेरे पिता जी ने अपना घर गिरवी रखा। माँ और बहनों ने अपने गहने बेच दिए और जीजा जी ने ऋण ले लिया। सब कुछ दाँव पर लगाकर मैं एवरेस्ट चढ़ाई के लिए निकल पड़ा। काठमांडू से एवरेस्ट जाते समय ‘नामचे बाजार’ से एवरेस्ट शिखर का प्रथम दर्शन हुए। मैंने पुणे की टीम ‘सागरमाथा गिर्यारोहण संस्था’ के साथ इस मुहीम पर था। बहुत जल्द हमने १९००० फीट पर स्थित माउंट आयलैड शिखर पर चढ़ाई की। इसके बाद हम एवरेस्ट बेसकैंप में पहुँचे। चढ़ाई के पहले पड़ाव पर सागरमाथा संस्था के अध्यक्ष रमेश गुळवे जी को पक्षाघात का दौरा पड़ा। उन्हें वैद्यकीय उपचार के लिए काठमांडू से पूना ले गए किंतु उनका देहांत हो गया। मैं और मेरे सााथियों पर मानो दुख का एवरेस्ट ही टूट पड़ा। फिर भी हमने आगे बढ़ने का निर्णय लिया। |
“मनुष्य को अपने अच्छे और सच्चे सपनों को पूरा करने से कोई रोक नहीं सकता।’’ कथन की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
आकृति पूर्ण कीजिए:-
आनंद जी ने सपनों की यात्रा इन महाद्वीपों में की :-
- ______
- ______
- ______
- ______
- ______
प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए:-
‘अंतःप्रेणा से ही जीवन का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है’ - स्पष्ट कीजिए।