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आयत चित्र की रचना केवल आँकड़ों के सतत वर्गीकरण के लिए की जा सकती है। - Economics (अर्थशास्त्र)

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Question

आयत चित्र की रचना केवल आँकड़ों के सतत वर्गीकरण के लिए की जा सकती है।

Options

  • सही

  • गलत

MCQ
True or False

Solution

सही

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आँकड़ों का आरेखी प्रस्तुतीकरण
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Chapter 4: आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण - अभ्यास [Page 56]

APPEARS IN

NCERT Economics [English] Class 11
Chapter 4 आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण
अभ्यास | Q 5. (iii) | Page 56

RELATED QUESTIONS

दंड-आरेख


आयत चित्र के माध्यम से प्रस्तुत किये गये आँकड़ों से आलेखी रूप से निम्नलिखित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं


दंड आरेख के दंडों की चौड़ाई का एक समान होना जरूरी नहीं है।


आयत चित्र में आयतों की चौड़ाई अवश्य एक समान होनी चाहिए। 


आयत चित्र एवं स्तंभ आरेख आँकड़ों को प्रस्तुत करने की एक जैसी विधियाँ हैं।


आयत चित्र की मदद से बारंबारता वितरण के बहुलक को आरेखीय रूप से जाना जा सकता है।


तोरणों से बारंबारता वितरण की मध्यिका को नहीं जाना जा सकता है।


आयत चित्र की मदद से बारंबारता वितरण के बहुलक को आरेखीय रूप से जाना जा सकता है।


निम्नलिखित को प्रस्तुत करने के लिए किस प्रकार का आरेख अधिक प्रभावी होता है।

वर्ष-विशेष की मासिक वर्षा


निम्नलिखित को प्रस्तुत करने के लिए किस प्रकार का आरेख अधिक प्रभावी होता है।

धर्म के अनुसार दिल्ली की जनसंख्या का संघटन


निम्नलिखित को प्रस्तुत करने के लिए किस प्रकार का आरेख अधिक प्रभावी होता है?
एक कारखाने में लागत के घटक


भारतीय चीनी कारखाना संघ की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2001 के पहले पखवाड़े के दौरान 3,87,000 टन चीनी का उत्पादन हुआ, जबकि ठीक इसी अवधि में पिछले वर्ष 2000 में 3,78,700 टन चीनी का उत्पादन हुआ था। दिसंबर 2001 में घरेलू खपत के लिए चीनी मिलों से 2,83,000 टन चीनी उठाई गई और 41,000 टन चीनी निर्यात के लिए थी, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में घरेलू खपत की मात्रा 1,540,000 टन थी और निर्यात शून्य था।

मान लीजिए, आप इस आँकड़े को आरेख के रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं तो आप कौन-सा आरेख चुनेंगे और क्यों?


भारतीय चीनी कारखाना संघ की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2001 के पहले पखवाड़े के दौरान 3,87,000 टन चीनी का उत्पादन हुआ, जबकि ठीक इसी अवधि में पिछले वर्ष 2000 में 3,78,700 टन चीनी का उत्पादन हुआ था। दिसंबर 2001 में घरेलू खपत के लिए चीनी मिलों से 2,83,000 टन चीनी उठाई गई और 41,000 टन चीनी निर्यात के लिए थी, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में घरेलू खपत की मात्रा 1,540,000 टन थी और निर्यात शून्य था।

इन आँकड़ों को आरेखी रूप में प्रस्तुत करें।


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