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Question
निम्नलिखित को प्रस्तुत करने के लिए किस प्रकार का आरेख अधिक प्रभावी होता है।
धर्म के अनुसार दिल्ली की जनसंख्या का संघटन
Solution
धर्म के आधार पर दिल्ली की जनसंख्या की संरचना को एक साधारण दंड आरेख द्वारा दर्शाया जा सकता है। विभिन्न धर्मों को x-अक्ष पर और y-अक्ष पर लोगों की संख्या को आलेखित करते हुए, धर्म-वार जनसंख्या की संख्या की तुलना आसानी से की जा सकती है।
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दंड-आरेख
आयत चित्र के माध्यम से प्रस्तुत किये गये आँकड़ों से आलेखी रूप से निम्नलिखित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं
दंड आरेख के दंडों की चौड़ाई का एक समान होना जरूरी नहीं है।
आयत चित्र की रचना केवल आँकड़ों के सतत वर्गीकरण के लिए की जा सकती है।
आयत चित्र एवं स्तंभ आरेख आँकड़ों को प्रस्तुत करने की एक जैसी विधियाँ हैं।
आयत चित्र की मदद से बारंबारता वितरण के बहुलक को आरेखीय रूप से जाना जा सकता है।
तोरणों से बारंबारता वितरण की मध्यिका को नहीं जाना जा सकता है।
आयत चित्र की मदद से बारंबारता वितरण के बहुलक को आरेखीय रूप से जाना जा सकता है।
निम्नलिखित को प्रस्तुत करने के लिए किस प्रकार का आरेख अधिक प्रभावी होता है।
वर्ष-विशेष की मासिक वर्षा
यदि किसी बारंबारता सारणी में समान वर्ग अंतरालों की तुलना में वर्ग अंतराल असमान हों, तो आयत चित्र बनाने की प्रक्रिया किस प्रकार भिन्न होगी?
भारतीय चीनी कारखाना संघ की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2001 के पहले पखवाड़े के दौरान 3,87,000 टन चीनी का उत्पादन हुआ, जबकि ठीक इसी अवधि में पिछले वर्ष 2000 में 3,78,700 टन चीनी का उत्पादन हुआ था। दिसंबर 2001 में घरेलू खपत के लिए चीनी मिलों से 2,83,000 टन चीनी उठाई गई और 41,000 टन चीनी निर्यात के लिए थी, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में घरेलू खपत की मात्रा 1,540,000 टन थी और निर्यात शून्य था।
मान लीजिए, आप इस आँकड़े को आरेख के रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं तो आप कौन-सा आरेख चुनेंगे और क्यों?
भारतीय चीनी कारखाना संघ की रिपोर्ट में कहा गया है कि दिसंबर 2001 के पहले पखवाड़े के दौरान 3,87,000 टन चीनी का उत्पादन हुआ, जबकि ठीक इसी अवधि में पिछले वर्ष 2000 में 3,78,700 टन चीनी का उत्पादन हुआ था। दिसंबर 2001 में घरेलू खपत के लिए चीनी मिलों से 2,83,000 टन चीनी उठाई गई और 41,000 टन चीनी निर्यात के लिए थी, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में घरेलू खपत की मात्रा 1,540,000 टन थी और निर्यात शून्य था।
इन आँकड़ों को आरेखी रूप में प्रस्तुत करें।