Advertisements
Advertisements
Question
अभिकथन - KCN मेथिल क्लोराइड से अभिक्रिया करके मेथिल आइसोसायनाइड देता है।
तर्क - CN− एक उभदंती नाभिकरागी है।
Options
अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन का सही स्पष्टीकरण है।
अभिकथन और तर्क दोनों ही गलत कथन हैं।
अभिकथन सही है परंतु तर्क गलत कथन है।
अभिकथन गलत है परंतु तर्क सही कथन है।
अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परंतु तर्क अभिकथन का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
Solution
अभिकथन गलत है परंतु तर्क सही कथन है।
स्पष्टीकरण:
\[\ce{\underset{{ऐल्किल सायनाइड}}{R - Cl + KCN –> R - CN + KCl}}\]
इस अभिक्रिया में आइसोसायनाइड प्राप्त नहीं होता है। CN− एक उभदंती नाभिकरागी है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित परिवर्तन कैसे संपन्न किए जा सकते हैं?
एथेनॉल से ब्यूट-2-आइन
निम्नलिखित में से कौन-सी संरचना नीचे दिए अणु (A) का प्रतिबिंब रूप है?
सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ C6H5CH2Br की अभिक्रिया ______ अग्रसारित होती है।
निम्न यौगिकों में से कौन-सा OH− आयन द्वारा नाभिकरागी प्रतिस्थापन से रेसिमिक मिश्रण देगा।
(a) \[\begin{array}{cc}
\phantom{}\ce{CH3 - CH - Br}\\
\phantom{}|\\
\phantom{....}\ce{C2H5}\phantom{}
\end{array}\]
(b) \[\begin{array}{cc}
\phantom{..}\ce{Br}\\
\phantom{}|\\
\phantom{}\ce{CH3 - C - CH3}\\
\phantom{}|\\
\phantom{....}\ce{C2H5}\phantom{}
\end{array}\]
(c) \[\begin{array}{cc}
\ce{CH3 - CH - CH2Br}\\
|\phantom{.....}\\
\ce{C2H5}\phantom{..}
\end{array}\]
निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
(a) | ![]() |
(b) | ![]() |
(c) | ![]() |
निम्नलिखित यौगिकों को नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया में अभिक्रिया दर के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए।
(a) | ![]() |
(b) | ![]() |
(c) | ![]() |
निम्नलिखित कथनों में से कौन-से कथन उपरोक्त अभिक्रिया के लिए सही हैं?
(i) अभिक्रिया SN2 क्रियाविधि का अनुसरण करती है।
(ii) (b) और (d) का विन्यास एक दूसरे के विपरीत है।
(iii) (b) और (d) का विन्यास समान है।
(iv) अभिक्रिया SN1 क्रियाविधि का अनुसरण करती है।
इस अभिक्रिया की गतिकी के लिए कौन-से कथन सही हैं?
(i) अभिक्रिया की दर केवल (b) की सांद्रता पर निर्भर करती है।
(ii) अभिक्रिया की दर (a) और (b) दोनों की सांद्रता पर निर्भर करती है।
(iii) अभिक्रिया की आण्विकता एक है।
(iv) अभिक्रिया की आण्विकता दो है।
हैलोऐरीन, हैलोऐल्केन और हैलोऐल्कीन से कम क्रियाशील होती हैं। समीक्षा कीजिए।
ऐलिल क्लोराइड n-प्रोपिल क्लोराइड की अपेक्षा अधिक आसानी से क्यों जलअपघटित होता है?
ऐरिल हैलाइड नाभिकरागी प्रतिस्थापन के प्रति अत्यंत कम क्रियाशील होते हैं। निम्नलिखित यौगिकों की नाभिकरागी प्रतिस्थापन के प्रति अभिक्रियाशीलता का क्रम लिखिए और विवेचना कीजिए।
![]() |
![]() |
![]() |
(I) | (II) | (III) |
tert-ब्यूटिलब्रोमाइड जलीय NaOH के साथ SN1 क्रियाविधि से अभिक्रिया करता है, जबकि n-ब्यूटिलब्रोमाइड SN2 क्रियाविधि द्वारा अभिक्रिया करता है। क्यों?
हैलोएरीनों के C−X आबंध की प्रकृति की विवेचना कीजिए।
कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
कॉलम I | कॉलम II |
(i) SN1 अभिक्रिया | (a) विस-डाइब्रोमाइड |
(ii) अग्निशामक में रसायन | (b) जेम-डाइहैलाइड |
(iii) ऐल्कीनों का ब्रोमीनन | (c) रेसिमीकरण |
(iv) ऐल्किलिडीन हैलाइड | (d) सेत्जेफ नियम |
(v) ऐल्किल हैलाइड से HX का निकलना | (e) क्लोरोब्रोमोकार्बन |
अभिकथन - tert-ब्यूटिल ब्रोमाइड वुर्ट्ज अभिक्रिया द्वारा 2, 2, 3, 3-टेट्रामेथिलब्यूटेन देता है।
तर्क - वुर्टज अभिक्रिया में ऐल्किल हैलाइड शुष्क ईथर में सोडियम से अभिक्रिया करते हैं और हैलाइड में उपस्थित कार्बन परमाणुओं की संख्या से दुगनी संख्या वाला हाइड्रोकार्बन बनाते हैं।
क्षारों के साथ कुछ ऐल्किलहैलाइड प्रतिस्थापन अभिक्रियाएँ देते हैं जबकि कुछ निराकरण अभिक्रियाएँ। उदाहरणों की सहायता से ऐल्किल हैलाइडों के उन संरचनात्मक गुणों की विवेचना कीजिए जो इस अंतर का कारण हैं।