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अभिकथन - कोटि एवं आणिवकता एकसमान होती हैं। तर्क - कोटि का निर्धारण प्रयोग द्वारा होता है तथा आणिवकता वेग निर्धारक प्राथमिक चरण में स्टॉइकियोमितीय गुणांक का योग होती है। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

अभिकथन - कोटि एवं आणिवकता एकसमान होती हैं।

तर्क - कोटि का निर्धारण प्रयोग द्वारा होता है तथा आणिवकता वेग निर्धारक प्राथमिक चरण में स्टॉइकियोमितीय गुणांक का योग होती है।

Options

  • अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन का सही स्पष्टीकरण है।

  • अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परन्तु तर्क अभिकथन का स्पष्टीकरण नहीं है।

  • अभिकथन सही है परन्तु तर्क गलत कथन है।

  • अभिकथन और तर्क दोनों ही गलत कथन हैं।

  • अभिकथन गलत है परन्तु तर्क सही कथन है।

MCQ

Solution

अभिकथन गलत है परन्तु तर्क सही कथन है।

स्पष्टीकरण -

आदेश और आण्विकता आवश्यक रूप से समान नहीं हो सकते हैं। क्रम प्रयोगात्मक रूप से निर्धारित किया जाता है लेकिन आण्विकता की गणना संतुलित स्टोइकोमेट्रिक समीकरण का उपयोग करके की जाती है।

shaalaa.com
समाकलित वेग समीकरण
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Chapter 4: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [Page 61]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Chemistry [Hindi] Class 12
Chapter 4 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q V. 58. | Page 61

RELATED QUESTIONS

अभिक्रिया की कोटि के बारे में कौन-सा कथन सही नहीं है?


प्रथम कोटी की अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित में से कौन-से ग्राफ सही हैं?

(i)

(ii)

(iii)

(iv)


किसी शून्य कोटि की अभिक्रिया के लिए निम्नलिखित में से कौन-से ग्राफ सही हैं?

(i)

(ii)

(iii)

(iv)


यदि अभिक्रिया, 2A + B → C शून्य कोटि की हो तो इसके लिए अभिक्रिया वेग लिखिए।


किस प्रकार की अभिक्रियाओं के लिए आणिवकता तथा कोटि के मान समान होते हैं?


स्पष्ट कीजिए कि क्या शून्य कोटि अभिक्रिया के लिए अणुसंख्यकता शून्य होगी।


आण्विकता केवल प्राथमिक अभिक्रिया के लिए अनुप्रयोज्य क्यों है, जबकि अभिक्रिया की कोटि प्राथमिक तथा जटिल दोनों के लिए अनुप्रयोज्य है?


कॉलम I और कॉलम II में दिए गए कथनों को सुमेलित कीजिए-

कॉलम I कॉलम II
(i) अभिक्रिया वेग का गणितीय व्यंजक (a) वेग स्सिरांक के
 

(ii) शून्य कोटि की अभिक्रिया के लिए अभिक्रिया
वेग बराबर होता है।

(b) वेग नियम अभिक्रिया वेग बराबर होता है।
 

(iii) शून्य कोटि के लिए वेग स्थिरांक की इकाई
सामान होती है।

(c) सबसे धीमे चरण की कोटि
(iv) एक जटिल अभिक्रिया की कोटि निर्थारित होती है। (d) अभिक्रिया की दर होती है।

अभिकथन - अभिक्रिया की कोटि शून्य अथवा भिन्नात्मक हो सकती है।

तर्क - संतुलित रासायनिक समीकरण से हम कोटि का निर्धारण नहीं कर सकते।


एक उदाहरण की सहायता से समझाइए कि छद्म प्रथम कोटि अभिक्रिया से क्या अभिप्राय है?


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