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Question
ऐथेनॉल के ऐथेनॉइक अम्ल में परिवर्तन के लिए एक अभिकर्मक का सुझाव दीजिए।
Solution
कोई भी प्रबल ऑक्सीकरण कर्मक, उदारणार्थ अम्लीकृत KMnO4 अथवा K2Cr2O7।
\[\ce{CH3CH2OH ->[K2Cr2O7/H2SO4][{या} KMnO4/H2SO4] CH3COOH}\]
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टॉलूईन के सूर्य के प्रकाश में मोनोक्लोरीनन के पश्चात जलीय NaOH द्वारा अपघटन से ______ बनेगा।
फ़ीनॉल ______ से कम अम्लीय है।
प्राथमिक ऐल्कोहॉलों को ऐल्डिहाइडों में ऑक्सीकृत करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-से अभिकर्मक प्रयुक्त होते हैं?
(i) निर्जलीय माध्यम में CrO3
(ii) अम्लीय माध्यम में KMnO4
(iii) पिरीडिनियम क्लोरोक्रोमेट
(iv) Cu की उपस्थिति में 573 K पर तापन
ऐथेनॉल के ऐथेनैल में परिवर्तन के लिए एक अभिकर्मक का सुझाव दीजिए।
निम्नलिखित यौगिकों को अम्लता के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए और उपयुक्त स्पष्टीकरण लिखिए।
फ़ीनॉल, o-नाइट्रोफ़ीनॉल, o-क्रीसॉल
ऐल्कोहॉल, सक्रिय धातु, उदाहरणार्थ Na, K इत्यादि से अभिक्रिया करके संगत ऐल्कॉक्साइड बनाती हैं। सोडियम धातु की प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक ऐल्कोहॉलों के प्रति घटती हुई अभिक्रिया के क्रम को लिखिए।
फ़ीनॉल को ऐस्पिरिन में परिवर्तित करने के चरणों को लिखिए।
कोल्बे अभिक्रिया में फ़ीनॉल के स्थान पर फ़ीनॉक्साइड आयन की अभिक्रिया कार्बन डाइआक्साइड के साथ की जाती है। क्यों?
स्पष्ट कीजिए कि p-नाइट्रोफ़ीनॉल, फ़ीनॉल से अधिक अम्लीय क्यों होती है?
कॉलम I और कॉलम II के मदों को सुमेलित कीजिए।
कॉलम I | कॉलम II |
(i) कार इंजन में प्रयुक्त होने वाला प्रतिहिम | (a) उदासीन फेरिक क्लोराइड |
(ii) सुगंध में प्रयुक्त होने वाला विलायक | (b) ग्लिसरॉल |
(iii) पिक्रिक अम्ल का प्रारंभन पदार्थ | (c) मेथेनॉल |
(iv) काष्ठ स्पिरिट | (d) फ़ीनॉल |
(v) फ़ीनॉलिक समूह के संसूचन के लिए प्रयुक्त अभिकर्मक | (e) एथेलीनग्लाइकॉल |
(vi) साबुन उद्योग का अतिरिक्त उत्पाद जो कांतिवर्धकों में प्रयुक्त होता है | (f) एथेनॉल |