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Question
अणु X का Y में रूपांतरण द्वितीय कोटि की बलगतिकी के अनुरूप होता है। यदि X की सांद्रता तीन गुनी कर दी जाए तो Y के निर्माण होने के वेग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
Solution
अभिक्रिया \[\ce{X -> Y}\] द्वितीय कोटि की बलगतिकी के अनुरूप होता है।
अभिक्रिया का वेग (r) = k[X]2
यदि सांद्रता तीन गुनी कर दी जाये तब अभिक्रिया का वेग (r‘) = k[3X]2
`("r'")/"r" = ("k"[3"X"]^2)/("k"["X"]^2)` = 9
अत: Y के निर्माण का वेग 9 गुना बढ़ जायेगा।
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एक अभिक्रिया में यदि अभिक्रियक A की सांद्रता तिगुनी कर दी जाए तो अभिक्रिया वेग सत्ताइस गुना बढ़ जाता है। अभिक्रिया की कोटि क्या है?
निम्नलिखित का सुमेलन कीजिए-
कॉलम I | कॉलम II |
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(ii) तार्क्षणिक वेग | b) सामान्यत: परिवर्तन का वेग परिलक्षित नहीं होता। |
(iii) औसत वेग | (c) लंबी समयावधि |
एक अभिक्रिया A के प्रति प्रथम तथा B के प्रति द्वितीय कोटि की है। B की सांद्रता तीन गुनी करने से वेग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?