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एक जटिल अभिक्रिया के लिए ______। (i) समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता के समान होती है। (ii) समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता से कम होती है। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

एक जटिल अभिक्रिया के लिए ______।

  1. समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता के समान होती है।
  2. समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता से कम होती है।
  3. समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता से अधिक होती है।
  4. सबसे धीमे पद की आण्विकता कभी भी शून्य अथवा अपूर्णांक नहीं होती।
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Solution

(i) समग्र अभिक्रिया की कोटि सबसे धीमे पद् की आण्विकता के समान होती है।

(iv) सबसे धीमे पद की आण्विकता कभी भी शून्य अथवा अपूर्णांक नहीं होती।

स्पष्टीकरण -

(i) एक जटिल प्रतिक्रिया के लिए, समग्र प्रतिक्रिया का क्रम = सबसे धीमे कदम की आणविकता। चूंकि समग्र प्रतिक्रिया की दर प्रतिक्रिया के सबसे धीमे चरण में शामिल अणुओं की कुल संख्या पर निर्भर करती है। इसलिए, सबसे धीमे चरण की आणविकता समग्र प्रतिक्रिया के क्रम के बराबर होती है।

(ii) चूंकि अभिकारकों की अनुपस्थिति में किसी रासायनिक अभिक्रिया का पूरा होना संभव नहीं है। इसलिए, किसी भी रासायनिक प्रतिक्रिया के सबसे धीमे चरण में कम से कम एक अभिकारक होना चाहिए। इस प्रकार, सबसे धीमे चरण की आणविकता कभी भी शून्य या गैर-पूर्णांक नहीं होती है।

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Chapter 4: रासायनिक बलगतिकी - अभ्यास [Page 55]

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NCERT Exemplar Chemistry [Hindi] Class 12
Chapter 4 रासायनिक बलगतिकी
अभ्यास | Q II. 24. | Page 55

RELATED QUESTIONS

एक अभिक्रिया \[\ce{A + B → {उत्पाद}}\], के लिए वेग नियम `r = k[A]^(1/2)[B]^2` से दिया गया है। अभिक्रिया की कोटि क्या है?


अणु X का Y में रूपांतरण द्वितीय कोटि की बलगतिकी के अनुरूप होता है। यदि X की सांद्रता तीन गुनी कर दी जाए तो Y के निर्माण होने के वेग पर क्या प्रभाव पड़ेगा?


निम्नलिखित अभिक्रिया के वेग व्यंजकों से इनकी अभिक्रिया कोटि तथा वेग स्थिरांकों की इकाइयाँ ज्ञात कीजिए।

\[\ce{C2H5Cl_{(g)} -> C2H4_{(g)} + HCl_{(g)}}\] वेग = k [C2H5Cl]


अभिक्रिया \[\ce{2A + B -> A2B}\] के लिए वेग = k[A][B]2 यहाँ k का मान 2.0 × 10−6 mol2 L2 s1 है। प्रारंभिक वेग की गणना कीजिए; जब [A] = 0.1 mol L1 एवं [B] = 0.2 mol L1 हो तथा अभिक्रिया वेग की गणना कीजिए; जब [A] घटकर 0.06 mol L1 रह जाए।


निम्नलिखित अभिक्रिया के वेग व्यंजकों से इनकी अभिक्रिया कोटि तथा वेग स्थिरांकों की इकाइयाँ ज्ञात कीजिए।

\[\ce{H2O2_{( aq)} + 3I^-_{( aq)} + 2H^+ -> 2H2O_{(l)} + I^-_3}\] वेग = k [H2O2] [I]


नीचे दी गई गैस प्रावस्था में प्रथम कोटि की विघटन अभिक्रिया पर विचार कीजिए।

\[\ce{A(g) -> B(g) + C{g}}\]

A के विघटन से पूर्व तंत्र का प्रारंभिक दाब pi था। 't' समय के पश्चात तंत्र का दाब x इकाई बढ़ कर pt हो जाता है। अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक k को लिखा जा सकता है-


अभिक्रिया A + 2B ⟶ C के लिए निम्नलिखित वेग नियम प्राप्त होता है। बेग = k [A][B]

'A' की सांद्रता स्थिर रखते हुए अभिक्रियक 'B' की सांद्रता दुगनी करने पर वेग नियतांक का मान ______।


वेग नियम संतुलित रासायनिक समीकरण द्वारा निर्धारित नहीं किया जा सकता यदि ______।

  1. व्युत्क्रम अभिक्रिया सम्मिलित होती है।
  2. यह एक प्राथमिक अभिक्रिया हो।
  3. यह प्राथमिक अभिक्रियाओं की एक शृंखला है।
  4. कोई भी अभिक्रियक आधिक्य में हो।

अभिकथन - अर्रेनिअस समीकरण से सामान्य तथा जटिल अणुओं के लिए निर्धारित वेग स्थिरांक लगभग परिशुद्ध होते हैं।

तर्क - संघट्ट के समय अभिक्रियक अणुओं का कोई भी अभिविन्यास होने पर भी रासायनिक परिवर्तन हो जाता है।


किसी अभिक्रियक के लिए एक अभिक्रिया द्वितीय कोटि की है। अभिक्रिया का वेग कैसे प्रभावित होगा, यदि अभिक्रियक की सांद्रता आधी कर दी जाए?


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