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अपने 4-5 अरब वर्षों के इतिहास में पृथ्वी अपने चुम्बकीय-क्षेत्र की दिशा कई बार उलट चुकी होगी। भूगर्भशास्त्री, इतने सुदूर अतीत के पृथ्वी के चुम्बकीय-क्षेत्र के बारे में कैसे जान पाते हैं? - Physics (भौतिक विज्ञान)

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Question

अपने 4-5 अरब वर्षों के इतिहास में पृथ्वी अपने चुम्बकीय-क्षेत्र की दिशा कई बार उलट चुकी होगी। भूगर्भशास्त्री, इतने सुदूर अतीत के पृथ्वी के चुम्बकीय-क्षेत्र के बारे में कैसे जान पाते हैं?

Answer in Brief

Solution

प्रारम्भ में पृथ्वी के गर्भ में अनेक पिघली हुई चट्टानें थीं जो समय के साथ धीरे-धीरे ठोस होती चली गईं। इन चट्टानों में मौजूद लौह-चुम्बकीय पदार्थ उस समय के पृथ्वी के चुम्बकीय-क्षेत्र के अनुरूप संरेखित हो गए। इस प्रकार भूतकाल का पृथ्वी का चुम्बकीय-क्षेत्र इन चट्टानों में चुम्बकत्व एवं द्रव्य 185 चुम्बकीय पदार्थों के अनुरूपण में अभिलेखित है। इन चट्टानों का भूचुम्बकीय अध्ययन उस समय के पृथ्वी के चुम्बकीय-क्षेत्र का ज्ञान प्रदान करता है।

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चुंबकीकरण एवं चुंबकीय तीव्रता
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Chapter 5: चुंबकत्व एवं द्रव्य - अभ्यास [Page 200]

APPEARS IN

NCERT Physics [Hindi] Class 12
Chapter 5 चुंबकत्व एवं द्रव्य
अभ्यास | Q 5.2 - (d) | Page 200

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