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Question
निम्नलिखित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
अर्जुन ! देखो, किस तरह कर्ण सारी सेना पर टूट रहा, कैसी करालता ! क्या लाघव ! कितना पौरुष ! कैसा प्रहार ! इस पुरुष-सिंह का समर देख मेरे तो हुए निहाल नयन, "औ" देख चरम वीरता आज तो यही सोचता हूँ मन में, - रामधारी सिंह दिनकर (रश्मिरथी सप्तम सर्ग भाग-3) |
(क) इस काव्यांश में कौन किसकी प्रशंसा कर रहा है? (1)
- कृष्ण अर्जुन की।
- कृष्ण कर्ण की।
- कर्ण कृष्ण की।
- अर्जुन कर्ण की।
(ख) कवि ने कर्ण के युद्ध-कौशल की प्रशंसा में क्या कहा है? (1)
उचित विकल्प का चयन कीजिए -
- पांडव सेना के पुरुषार्थ को चुनौती दे रहा था।
- पांडव सेना ने उसे चारों ओर से घेर लिया था।
- समर क्षेत्र में केवल उसके बाण दिखाई दे रहे थे।
- समर क्षेत्र में केवल उसकी हुंकार सुनाई दे रही थी।
विकल्प -
- कथन I और II सही हैं।
- कथन I, II और IV सही हैं।
- केवल कथन II सही है।
- कथन I, III और IV सही हैं।
(ग) कथन (A) और कारण (R) को पढ़कर उपयुक्त विकल्प चुनिए: (1)
कथन (A): कर्ण की गर्जना से पाण्डव सेना में भगदड़ मच गई।
कारण (R): कर्ण ने पाण्डवों की सेना पर भीषण आक्रमण कर दिया था।
- कथन (A) गलत है, किंतु कारण (R) सही है।
- कथन (A) और कारण (R) दोनों ही गलत हैं।
- कथन (A) सही है और कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या है।
- कथन (A) सही है किंतु कारण (R) कथन (R) की सही व्याख्या नहीं है।
(घ) श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कौन-सा गूढ़ वचन बताया? (2)
(ङ) कर्ण के यद्ध-कौशल को देखकर कृष्ण उसके बारे में क्या सोच रहे थे? (2)
Solution
(क) कृष्ण कर्ण की।
(ख) कथन I, III और IV सही हैं।
(ग) कथन (A) सही है और कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या है।
(घ) श्रीकृष्ण ने अर्जुन से यह गूढ़ वचन बताया कि वह अर्जुन तथा कर्ण दोनों की वीरता को जानते हैं। वह दोनों के बल से परिचित हैं परन्तु मन ही मन वह कर्ण को अर्जुन से भी बड़ा वीर मानते रहे हैं।
(ङ) कृष्ण सोच रहे थे संसार में क्या कोई और ऐसा वीर है जो कर्ण की बराबरी कर सके? उसे युद्ध में पराजित कर सके?