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बंद द्वार की साँकल खोलने के लिए ललद्यद ने क्या उपाय सुझाया है? - Hindi Course - A

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Question

बंद द्वार की साँकल खोलने के लिए ललद्यद ने क्या उपाय सुझाया है?

Short Note

Solution

कवयित्री के अनुसार ईश्वर को अपने अन्त:करण में खोजना चाहिए। जिस दिन मनुष्य के हृदय में ईश्वर भक्ति जागृत हो गई अज्ञानता के सारे अंधकार स्वयं ही समाप्त हो जाएँगे। जो दिमाग इन सांसारिक भोगों को भोगने का आदी हो गया है और इसी कारण उसने ईश्वर से खुद को विमुख कर लिया है, प्रभु को अपने हृदय में पाकर स्वत: ही ये साँकल (जंजीरे) खुल जाएँगी और प्रभु के लिए द्वार के सारे रास्ते मिल जाएँगे। इसलिए सच्चे मन से प्रभु की साधना करो, अपने अन्त:करण व बाह्य इन्द्रियों पर विजय प्राप्त कर हृदय में प्रभु का जाप करो, सुख व दुख को समान भाव से भोगों। यही उपाय कवियत्री ने सुझाए हैं।

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पद्य (Poetry) (Class 9 A)
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Chapter 10: वाख - प्रश्न अभ्यास [Page 98]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
Chapter 10 वाख
प्रश्न अभ्यास | Q 5 | Page 98

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