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भाव स्पष्ट कीजिए - (क) जेब टटोली कौड़ी न पाई।(ख) खा-खाकर कुछ पाएगा नहीं,न खाकर बनेगा अहंकारी। - Hindi Course - A

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Question

भाव स्पष्ट कीजिए -

(क) जेब टटोली कौड़ी न पाई।
(ख) खा-खाकर कुछ पाएगा नहीं,
न खाकर बनेगा अहंकारी।

Short Note

Solution

(क) यहाँ भाव है कि मैंने ये जीवन उस प्रभु की कृपा से पाया था। इसलिए मैंने उसके पास पहुँचने के लिए कठिन साधना चुनी परन्तु इस चुनी हुई राह से उसे ईश्वर नहीं मिला। मैंने योग का सहारा लिया ब्रह्मरंध करते हुए मैंने पूरा जीवन बिता दिया परन्तु सब व्यर्थ ही चला गया और जब स्वयं को टटोलकर देखा तो मेरे पास कुछ बचा ही नहीं था। अर्थात् काफी समय बर्बाद हो गया और रही तो खाली जेब।

(ख) भाव यह है कि भूखे रहकर तू ईश्वर साधना नहीं कर सकता अर्थात् व्रत पूजा करके भगवान नहीं पाए जा सकते अपितु हम अहंकार के वश में वशीभूत होकर राह भटक जाते हैं। (कि हमने इतने व्रत रखे आदि)।

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पद्य (Poetry) (Class 9 A)
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Chapter 10: वाख - प्रश्न अभ्यास [Page 98]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
Chapter 10 वाख
प्रश्न अभ्यास | Q 4 | Page 98

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