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Question
भारत का अधिकांश भाग पर्णपाती वनों से क्यों आच्छादित है?
Short Note
Solution
- शुष्क ऋतु (ग्रीष्म ऋतु) में वाष्पीभवन द्वारा होने वाली पानी की कमी को रोकने के लिए पर्णपाती वनों की वनस्पतियाँ अपनी पत्तियाँ गिरा देती हैं।
- पत्तियों के गिर जाने से वाष्पीभवन की गति कम हो जाती है और वनस्पतियों का जीवनकाल बढ़ जाता है।
- १००० मिमी से २००० मिमी वर्षा वाले प्रदेश में मुख्य रूप से पर्णपाती वन पाए जाते हैं।
- भारत के अधिकांश भाग की औसत वर्षा की मात्रा १००० मिमी से २००० मिमी है। इसलिए भारत का अधिकांश भाग पर्णपाती वनों से आच्छादित है।
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भारत की वनस्पतियाँ
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भारत के संदर्भ में -
भारतीय वनस्पतियाँ -
जोड़ियाँ मिलाइएँ:
अ गट | ब गट |
(अ) सदाबहार वन | (i) सुंदरी |
(आ) पर्णपाती वन | (ii) देवदार |
(इ) तटीय वन | (iii) पाऊ ब्रासील |
(ई) हिमालयीन वन | (iv) खेजड़ी |
(उ) कँटीली झाड़ियों वाले वन | (v) सागौन |
(vi) ऑर्किड | |
(vii) साल |
भौगोलिक कारण लिखिए।
हिमालय के ऊँचे भागों में वनस्पतियों की संख्या विरल है।
निम्नलिखित के भौगोलिक कारण लिखिए :
भारत में पतझड़ के वन पाए जाते हैं।
संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए:
भारत के पर्णपाती वन