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भारतीय समाजशास्त्र के इतिहास में ग्रामीण अध्ययन का क्या महत्व है? ग्रामीण अध्ययन को आगे बढ़ाने में एम. एन. श्रीनिवास की क्या भूमिका रही? - Sociology (समाजशास्त्र)

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Question

भारतीय समाजशास्त्र के इतिहास में ग्रामीण अध्ययन का क्या महत्व है? ग्रामीण अध्ययन को आगे बढ़ाने में एम. एन. श्रीनिवास की क्या भूमिका रही?

Answer in Brief

Solution

  • भारत गाँवों का देश है।
  • 65 प्रतिशत से अधिक लोग भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं।
  • यदि हम पाश्चात्य सामाजशास्त्रीयों के अपूर्ण और मिथ्या, तथ्यात्मक एवं शिक्षा संबंधी-जानकारियों को चुनौती देना चाहते हैं, तो गाँवों का अध्ययन आवश्यक है। ब्रिटिश सरकार के औपनिवेशिक हित, विचारधारा और नीतियों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपना शोध कार्य सम्पन्न किया था।
  • एम. एन. श्रीनिवास ने भारतीय समाज और भारत के ग्रामीण जीवन से संबंधित कुछ विचारों पर महत्वपूर्ण लेख लिखे हैं।
  • एम०एन० श्रीनिवास की रुचि भारतीय गाँव और भारतीय समाज में जीवनभर बनी रही।
  • 1950 – 1960 के दौरान श्रीनिवास ने ग्रामीण समाज से संबंधित विस्तृत नृजातीय व्यौरों का लेखा-जोखा को तैयार करने में सामूहिक परिश्रम को प्रोत्साहित तथा समन्वित किया।
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भारतीय समाजशास्त्री
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Chapter 5: भारतीय समाजशास्त्री - अभ्यास [Page 110]

APPEARS IN

NCERT Sociology [Hindi] Class 11
Chapter 5 भारतीय समाजशास्त्री
अभ्यास | Q 9. | Page 110

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