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Question
भारतीय संविधान में अनेक संशोधन न्यायपालिका और संसद की अलग-अलग व्याख्याओं का परिणाम रहे हैं। उदाहरण सहित व्याख्या करें।
Solution
तर्क या स्पष्टीकरण के साथ समर्थित कोई भी उत्तर उद्देश्य को हल करेगा। यह दृढ़ता से अनुशंसा की जाती है कि आप स्वयं समाधान तैयार करें। हालाँकि, आपके संदर्भ के लिए एक नमूना समाधान प्रदान किया गया है:
न्यायपालिका और संसद द्वारा मान्य विभिन्न व्याख्याओं के परिणामस्वरूप संविधान में कुछ संशोधन किए गए हैं। उनमें से सबसे प्रमुख संविधान की मूल संरचना से संबंधित था। इसने आपातकाल की अवधि के दौरान हुए संविधान में 42वें संशोधन का नेतृत्व किया। इससे पहले, 1973 में केशवानंद भारती मामले में अपने फैसले में, सुप्रीम कोर्ट ने संविधान की कुछ विशेषताओं को प्रकृति में मौलिक होने और संविधान की मूल संरचना बनाने के लिए बरकरार रखा था। इसने न्यायपालिका को संविधान और इसकी मूल संरचना की व्याख्या करने में अंतिम अधिकार के रूप में रखा और विधायिका को इसके विपरीत किसी भी संशोधन को पारित करने से रोक दिया। इस प्रकार, न्यायपालिका संविधान की भावना के बारे में अधिक चिंतित थी। 1976 में 42वें संशोधन ने न्यायपालिका की शक्ति को कम कर दिया और विधायिका को पूर्व-प्रतिष्ठित स्थिति में बहाल करने की मांग की। इसने संविधान की प्रस्तावना, सातवीं अनुसूची और 53 अनुच्छेदों में परिवर्तन किए।
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RELATED QUESTIONS
राष्ट्रपति किसी संशोधन विधेयक को संसद के पास पुनर्विचार के लिए नहीं भेज सकता।
संविधान में संशोधन करने का अधिकार केवल जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों के पास ही होता है।
न्यायपालिका संवैधानिक संशोधन का प्रस्ताव नहीं ला सकती परन्तु उसे संविधान की व्याख्या करने का अधिकार है। व्याख्या द्वारा वह संविधान को काफी हद तक बदल सकती है।
संसद संविधान के किसी भी खंड में संशोधन कर सकती है।
निम्नलिखित में से कौन भारतीय संविधान की संशोधन प्रक्रिया में भूमिका निभाते हैं?
इस प्रक्रिया में ये कैसे शामिल होते हैं?
- मतदाता
- भारत का राष्ट्रपति
- राज्य की विधानसभाएँ
- संसद
- राज्यपाल
- न्यायपालिका।
इस अध्याय में आपने पढ़ा कि संविधान का 42वाँ संशोधन अब तक का सबसे विवादास्पद संशोधन रहा है। इस विवाद के क्या कारण थे?
- यह संशोधन राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान किया गया था। आपातकाल की घोषणा अपने आप में ही एक विवाद का मुद्दा था।
- यह संशोधन विशेष बहुमत पर आधारित नहीं था।
- इसे राज्य विधानपालिकाओं का समर्थन प्राप्त नहीं था।
- संशोध्न के कुछ उपबन्ध विवादास्पद थे।
निम्नलिखित वाक्यों में कौन-सा वाक्य विभिन्न संशोधनों के सम्बन्ध में विधायिका और न्यायपालिका के टकराव की सही व्याख्या नहीं करता?
सन् 2000-2003 के बीच संविधान में अनेक संशोधन किए गए। इस जानकारी के आधार पर आप निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष निकालेंगे-