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चित्‍त समाधान के लिए साधना स्पष्ट करने वाली पंक्‍तियाँ स्पष्ट कीजिए। - Hindi [हिंदी]

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Question

चित्‍त समाधान के लिए साधना स्पष्ट करने वाली पंक्‍तियाँ स्पष्ट कीजिए।

Answer in Brief

Solution

1) तुका रामसूं चिता बाँध राखूं, तैसा आपनी हात।
घेनुबदरा छोर जावे, प्रेम न छुटेसात।।

अर्थ: तुकाराम जी कहते हैं कि यह तो अपने वश में है कि मैं अपने मन (चित्त) को श्री राम से जोड़कर रखूँ।

2) कहेतुका भला भया, हुआ संतन का दास।
क्‍या जानूकेतेमरता, न मिटती मन की आस।।

अर्थ: तुकाराम का मानना है कि यह तो अच्छा हुआ कि मैंने संतों का दास बनना स्वीकार कर लिया। वे कहते हैं कि यदि ऐसा नहीं होता, तो पता नहीं कहाँ उनकी मृत्यु होती तथा उनके मन की आशा भी पूरी नहीं होती।

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नवनीत
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Chapter 2.06: नवनीत - स्वाध्याय [Page 81]

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Balbharati Hindi - Kumarbharati 9 Standard Maharashtra State Board
Chapter 2.06 नवनीत
स्वाध्याय | Q (२) | Page 81
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