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देवी सरस्वती की उदारता का गुणगान क्यों नहीं किया जा सकता? - Hindi (Elective)

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Question

देवी सरस्वती की उदारता का गुणगान क्यों नहीं किया जा सकता?

Answer in Brief

Solution

देवी सरस्वती सुर, कला तथा ज्ञान की देवी हैं। इस संसार में सबके गले में वह विराजती है। इस संसार में ज्ञान का अथाह भंडार उनकी ही कृपा से उत्पन्न हुआ है। उनकी महत्ता को व्यक्त करना किसी के भी वश में नहीं है क्योंकि उनकी महत्ता को शब्दों का जामा पहनाकर उसे बांधा नहीं जा सकता है। सदियों से कई विद्वानों ने सरस्वती की महिमा को व्यक्त करना चाहता है परन्तु वे उसमें पूर्ण रूप से सफल नहीं हो पाए हैं। जितना भी उसे व्यक्त करने का प्रयास किया गया, उतना ही कम प्रतीत होता है। उनमें अभी इतना बल नहीं है कि वह सरस्वती की महिमा को समझ पाएँ। अतः उनकी उदारता का गुणगान मनुष्य के वश में नहीं है।

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रामचंद्रचंद्रिका
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Chapter 1.1: केशवदास (रामचंद्रिका) - प्रश्न-अभ्यास [Page 62]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Antara Class 12
Chapter 1.1 केशवदास (रामचंद्रिका)
प्रश्न-अभ्यास | Q 1. | Page 62

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