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निम्नलिखित पंक्तियों का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए। पति बर्नै चारमुख पूत बर्नै पंच मुख नाती बर्नै षटमुख तदपि नई-नई। चहुँ ओरनि नाचति मुक्तिनटी गुन धूरजटी वन पंचवटी। - Hindi (Elective)

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Question

निम्नलिखित पंक्ति का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।

पति बर्नै चारमुख पूत बर्नै पंच मुख नाती बर्नै षटमुख तदपि नई-नई।

Short Note

Solution

प्रस्तुत पंक्तियों में कवि सरस्वती के बखान को कहने में स्वयं को असमर्थ पाता है। इसमें उनकी महिमा को अतुलनीय बताया है। उसके अनुसार सरस्वती का बखान अकथनीय है। ब्रजभाषा का बहुत सुंदर प्रयोग है। 'नई-नई' में पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार की छटा दिखाई देती है। कवि ने इसमें अतिशयोक्ति अलंकार का प्रयोग किया है। तत्सम शब्दों 'पाँचमुख', 'षटमुख' तथा 'तदपि' आदि का प्रयोग किया गया है।

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रामचंद्रचंद्रिका
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Chapter 1.1: केशवदास (रामचंद्रिका) - प्रश्न-अभ्यास [Page 63]

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NCERT Hindi - Antara Class 12
Chapter 1.1 केशवदास (रामचंद्रिका)
प्रश्न-अभ्यास | Q 5. (क) | Page 63

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निम्नलिखित पंक्ति का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए।

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