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धातु के दो पहियों के सिरों को चार रिवेट से आपस में जोड़ दिया जाता है। प्रत्येक रिवेट का व्यास 6 मिमी है। यदि रिवेट का अपरुपण प्रतिबल 6.9 x 107 Pa से अधिक नहीं - Physics (भौतिक विज्ञान)

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Question

धातु के दो पहियों के सिरों को चार रिवेट से आपस में जोड़ दिया जाता है। प्रत्येक रिवेट का व्यास 6 मिमी है। यदि रिवेट का अपरुपण प्रतिबल 6.9 x 107 Pa से अधिक नहीं बढ़ना | हो तो रिवेट की हुई पट्टी द्वारा आरोपित तनाव का अधिकतम मान कितना होगा? मान लीजिए कि प्रत्येक रिवेट एक-चौथाई भार वहन कर सकता है।

Numerical

Solution

दिया है, प्रत्येक रिवेट का व्यास = 6 mm ।

∴ त्रिज्या r = व्यास/2 = 6 mm/2 = 3 mm = 3 × 10-3 m

अतः रिवेट का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल ।

A = πr2 = 3.14 × (3 × 10-3 m)2
= 28.26 × 10-6 m2

भंजक प्रतिबल = रिवेट द्वारा सहन किये जा सकने वाला अधिक अपरूपण प्रतिबल

= 6.9 × 107 Pa = 6.9 × 107 N/m2

प्रत्येक रिवेट द्वारा सहन किया जा सकने वाला अधिकतम तनाव = भंजक प्रतिबल × A

= (6.9 × 107  N/m) × (28.26 × 10-6 m2)

= 1.949 × 103 N ≈ 1.95 × 10’ N

चूँकि पट्टी में चार रिवेट लगी हैं। अत: पट्टी द्वारा आरोपित अधिकतम तनाव

= 4 × 1.95 × 103 N = 7.8 × 103 N

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प्रतिबल तथा विकृति
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Chapter 9: ठोसों के यांत्रिक गुण - अभ्यास [Page 257]

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NCERT Physics [Hindi] Class 11
Chapter 9 ठोसों के यांत्रिक गुण
अभ्यास | Q 9.20 | Page 257

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मृदु इस्पात के चार समरूप खोखले बेलनाकार स्तम्भ 50,000 kg द्रव्यमान के किसी बड़े ढाँचे को आधार दिए हुए हैं। प्रत्येक स्तम्भ की भीतरी तथा बाहरी त्रिज्याएँ क्रमशः 30 तथा 60 cm हैं। भार वितरण को एकसमान मानते हुए प्रत्येक स्तम्भ की संपीडन विकृति की गणना कीजिए।


1.5 cm त्रिज्या का एक इस्पात का केबिल भार उठाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। | यदि इस्पात के लिए अधिकतम अनुज्ञेय प्रतिबल 108 Nm-2 है तो उस अधिकतम भार की गणना कीजिए जिसे केबिल उठा सकता है।


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ताँबे के एक ठोस धन का एक किनारा 10 cm का है। इस पर 7.0 × 106 Pa का जलीय दाब लगाने पर इसके आयतन में संकुचन निकालिए।


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