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दिल के भोलेपन के साथ-साथ अक्खड़पन और जुझारूपन को भी बचाने की आवश्यकता पर क्यों बल दिया गया है? - Hindi (Core)

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Question

दिल के भोलेपन के साथ-साथ अक्खड़पन और जुझारूपन को भी बचाने की आवश्यकता पर क्यों बल दिया गया है?

Answer in Brief

Solution

दिल का भोलापन सच्चाई और ईमानदारी के लिए जरूरी है, परंतु हर समय भोलापन ठीक नहीं होता। भोलेपन का फायदा उठाने वालों के साथ अक्खड़पन दिखाना भी जरूरी है। अपनी बात को मनवाने के लिए अकड़ भी होनी चाहिए। साथ ही कर्म करने की प्रवृत्ति भी आवश्यक है। अत: कवयित्री भोलेपन, अक्खड़पन व जुझारूपन इन तीनों गुणों को बचाने की आवश्यकता पर बल देती है।

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आओ, मिलकर बचाएँ
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Chapter 2.1: आओ, मिलकर बचाएँ - अभ्यास [Page 183]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Aaroh Class 11
Chapter 2.1 आओ, मिलकर बचाएँ
अभ्यास | Q 3. | Page 183

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