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दो पात्रों के आधारों के क्षेत्रफल समान हैं परंतु आकृतियाँ भिन्न-भिन्न हैं। पहले पात्र में दूसरे पात्र की अपेक्षा किसी ऊँचाई तक भरने पर दो गुना जल आता है। क्या दोनों प्रकरणों में पात्रों के - Physics (भौतिक विज्ञान)

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Question

दो पात्रों के आधारों के क्षेत्रफल समान हैं परंतु आकृतियाँ भिन्न-भिन्न हैं। पहले पात्र में दूसरे पात्र की अपेक्षा किसी ऊँचाई तक भरने पर दो गुना जल आता है। क्या दोनों प्रकरणों में पात्रों के आधारों पर आरोपित बल समान है। यदि ऐसा है तो भार मापने की मशीन पर रखे एक ही ऊँचाई तक जल से भरे दोनों पात्रों के पाठ्यांक भिन्न-भिन्न क्यों होते हैं?

Answer in Brief

Solution

माना प्रत्येक पात्र में जल-स्तंभ की ऊँचाई h तथा आधार का क्षेत्रफल A है तो

आधार पर बल = जल-स्तंभ का दाब × क्षेत्रफल = h ρ g × A = A h ρ g

∵ A व h दोनों के लिए समान है तथा ρ व g अचर राशियाँ हैं।

∴ दोनों पात्रों के आधारों पर समान बल आरोपित होंगे। भार मापने वाली मशीन, पात्र के आधार पर आरोपित बल को मापने के स्थान पर पात्र + जल का भार मापती है।

∵ एक पात्र में दूसरे की अपेक्षा दो गुना जल है; अतः भार मापने की मशीन के पाठ्यांक अलग-अलग होंगे।

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दाब - गहराई के साथ दाब में परिवर्तन
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Chapter 10: तरलों के यांत्रिक गुण - अभ्यास [Page 285]

APPEARS IN

NCERT Physics [Hindi] Class 11
Chapter 10 तरलों के यांत्रिक गुण
अभ्यास | Q 10.23 | Page 285

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यहाँ समुद्र तल पर वायु का घनत्व ρ0 = 1.25 kg m-3 तथा y0 एक नियतांक है। घनत्व में इस परिवर्तन को वायुमंडल का नियम कहते हैं। यह संकल्पना करते हुए कि वायुमण्डल का ताप नियत रहता है (समतापी अवस्था) इस नियम को प्राप्त कीजिए। यह भी मानिए कि g का मान नियत रहता है।


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