English

एक लवण X निम्नलिखित परिणाम देता है- (क) इसका जलीय विलयन लिटमस के प्रति क्षारीय होता है। (ख) तीव्र गरम किए जाने पर यह काँच के समान ठोस में स्वेदित हो जाता है। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

एक लवण X निम्नलिखित परिणाम देता है-

(क) इसका जलीय विलयन लिटमस के प्रति क्षारीय होता है।
(ख) तीव्र गरम किए जाने पर यह काँच के समान ठोस में स्वेदित हो जाता है।
(ग) जब X के गरम विलयन में सांद्र H2SO4 मिलाया जाता है, तो एक अम्ल Z का श्वेत क्रिस्टल बनता है।

उपर्युक्त अभिक्रियाओं के समीकरण लिखिए और X, Y तथा Z को पहचानिए।

Answer in Brief

Solution

(क) चूँकि दिये गये लवण का जलीय विलयन लिटमस के प्रति क्षारीय है तो यह सुनिश्चित है कि यह प्रबल क्षार और दुर्बल अम्ल से मिलकर बना लवण है।
(ख) लवण [X] गरम करने पर फूल जाता है और काँच जैसे पदार्थ में परिवर्तित हो जाता है। इसलिए [X] को बोरेक्स (borax) और [Y] को सोडियम मेटाबोरेट और बोरिक ऐनहाइड्राइड का मिश्रण होना चाहिए।
(ग) जब बोरेक्सा [X] के गरम विलयन में सांद्र H2SO4 मिलाया जाता है, तो ऑथ्रो बोरिक अम्ल [Z] के सफेद क्रिस्टल प्राप्त होते हैं।
अतः [X] = Na2B4O7·10H2O, [Y] = NaBO2 + B2O3 और [Z] = H3BO3

अभिक्रियाओं को निम्न प्रकार लिखा जा सकता है-

\[\ce{\underset{\text{[X]}}{\underset{\text{Borax}}{Na2B4O7}} * 10H2O ->[\text{जल}][\text{(जल अपघटन)}] \underset{(Strong base)}{2NaOH} + \underset{Alkaline solution}{\underset{(Weak acid)}{H3B4O7}} + 8 H2O}\]

\[\ce{\underset{\text{[X]}}{\underset{\text{Borax}}{Na2B4O7}}*10H2O ->[\triangle]\underset{\text{Anhydrous borax}}{Na2B4O7} ->[\triangle][1013K]\underset{\text{Sodium metaborate}}{2NaBO2} + \underset{\text{Glassy material}}{\underset{\text{Boric anhydride}}{B2O3}}}\]

\[\ce{\underset{\text{[X]}}{\underset{\text{Borax}}{Na2B4O7}} * 10H2O + H2SO4 -> \underset{\text{[Z]}}{\underset{\text{orthoboric acid}}{4H3BO3}}}\]

shaalaa.com
कार्बन तथा सिलिकन के प्रमुख यौगिक
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 11: p-ब्लॉक तत्त्व - अभ्यास [Page 332]

APPEARS IN

NCERT Chemistry - Part 1 and 2 [Hindi] Class 11
Chapter 11 p-ब्लॉक तत्त्व
अभ्यास | Q 11.30 | Page 332

RELATED QUESTIONS

B-Cl आबंध द्विध्रुव आघूर्ण रखता है, किन्तु BCl3 अणु का द्विध्रुव आघूर्ण शून्य होता है। क्यों?


CO2 की अधिक मात्रा भूमंडलीय तापवृद्धि के लिए उत्तरदायी कैसे है?


निम्नलिखित अभिक्रिया को समझाइए-

कॉपर की उपस्थिति में उच्च ताप पर सिलिकॉन को मेथिल क्लोराइड के साथ गरम किया जाता है।


निम्नलिखित अभिक्रिया को समझाइए-

सिलिकॉन डाइऑक्साइड की क्रिया हाइड्रोजन फ्लुओराइड के साथ की जाती है।


निम्नलिखित अभिक्रिया को समझाइए-

CO को ZnO के साथ गरम किया जाता है।


जब धातु X की क्रिया सोडियम हाइड्रॉक्साइड के साथ की जाती है, तो श्वेत अवक्षेप (A) प्राप्त होता है, जो NaOH के आधिक्य में विलेय होकर विलेय संकुल (B) बनाता है। यौगिक (A) तनु HCl में घुलकर यौगिक (C) बनाता है। यौगिक (A) को अधिक गरम किए जाने पर यौगिक (D) बनता है, जो एक निष्कर्षित धातु के रूप में प्रयुक्त होता है। X, A, B, C तथा D को पहचानिए तथा इनकी पहचान के समर्थन में उपयुक्त समीकरण दीजिए।


यदि सिलिकॉन निर्माण में प्रारंभिक पदार्थ RSiCl3 है, तो बनने वाले उत्पाद की संरचना बताइए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×