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एक मानक ईसीजी को दर्शाए तथा उसके विभिन्न खंडों का वर्णन कीजिए। - Biology (जीव विज्ञान)

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Question

एक मानक ईसीजी को दर्शाए तथा उसके विभिन्न खंडों का वर्णन कीजिए।

Answer in Brief
Diagram

Solution

हृदय स्पंदन में तंत्रिका एवं पेशियों द्वारा उत्पादित वैद्युत संकेतों को बताता है तथा लिपिबद्ध करता है। इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम हृदय के आवेगों को एक कागज के ऊपर ग्राफ के रूप में व्यक्त करता है, जो कि इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफ कहलाता है। प्राय: E.C.G. में एक P – तरंग (लहर), एक QRS सम्मिश्रण तथा एक T-तरंग होता है।

एक सामान्य मानव इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम में पांच तरंगें होती हैं - P, Q, R, S, और T P, R, और T-तरंगें आधार रेखा से ऊपर होती हैं और सकारात्मक तरंगों के रूप में जानी जाती हैं। Q और S-तरंगें आधार रेखा से नीचे होती हैं और नकारात्मक तरंगों के रूप में जानी जाती हैं। P-तरंग अलिंद मूल की है, जबकि Q, R, S और T-तरंगें निलय मूल की हैं।

  1. P तरंगें अलिंद विध्रुवण को इंगित करता है। इस तरंगें के दौरान संकुचन का आवेग SA नोड द्वारा उत्पन्न होता है। PQ-तरंग आलिंद संकुचन का प्रतिनिधित्व करती है।
  2. QR-तरंगें निलय संकुचन से पहले होती है। यह AV नोड से निलय की दीवार तक संकुचन के आवेग के प्रसार का प्रतिनिधित्व करता है। यह अलिंद निलय पर्व विध्रुवण की ओर ले जाता है।
  3. RS - तरंगें लगभग 0.3 सेकंड के निलय संकुचन का प्रतिनिधित्व करती है।
  4. ST- तरंगें लगभग 0.4 सेकंड की आलिंद निलय छूट का प्रतिनिधित्व करती है। इस चरण के दौरान, निलय शिथिल हो जाते हैं और अपनी सामान्य स्थिति में लौट आते हैं।
  5. T- तरंगें निलय विश्राम का प्रतिनिधित्व करती है।
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परिसंचरण पथ - विद्युत हृद लेख (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राफ)
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Chapter 15: शरीर द्रव तथा परिसंचरण - अभ्यास [Page 204]

APPEARS IN

NCERT Biology [Hindi] Class 11
Chapter 15 शरीर द्रव तथा परिसंचरण
अभ्यास | Q 14. | Page 204
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