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Question
एक पद्धति के रूप में सहभागी प्रेक्षण की क्या-क्या खूबियाँ और कमियाँ हैं?
Solution
प्रेक्षण का संबंध प्रत्यक्ष सहभागिता के माध्यम से सूचना संकलन की सुव्यवस्थित प्रक्रिया से है और समूह, जनजाति या समुदाय का प्रेक्षण अध्ययन में शामिल है। प्रेक्षण सहभागी या असहभागी हो सकता है। सहभागी प्रेक्षण के दौरान अनुसंधानकर्ता व्यक्तियों के समूह के बीच क्रियाशील सदस्य के रूप में रहता है। जबकि असहभागी प्रेक्षण के दौरान अनुसंधानकर्ता तटस्थ अन्वेषक के रूप में कार्य करता है। सूचना की प्राप्ति के लिए वह CCTV कैमरा, वीडिओ कैमरा (Video Camera) इत्यादि का प्रयोग करता है। आवश्यक सूचना के संकलन के लिए सहभागी प्रेक्षण एक प्रभावकारी/महत्त्वपूर्ण पद्धति है। इस पद्धति की अपनी खूबियाँ और कमियाँ हैं जो इस प्रकार हैं:
सहभागी प्रेक्षण की खूबियाँ:
- आँखों देखी जानकारी प्राप्त होती है (Provides first hand information) - 4748 अध्ययन होने के कारण सहभागी प्रेक्षण से प्राकृतिक वातावरण में सामाजिक प्रघटनाओं, घटनाओं और संबंधों का वैज्ञानिक पद्धति से अध्ययन का अवसर प्राप्त होता है। अनुसंध निकर्ता सदस्यों के वास्तविक और सही व्यवहारों का ज्ञान होता है।
- व्यापक और गहन अध्ययन का अवसर प्राप्त होता है (Provides opportunity to get comprehensive and intensive study) - 446 का क्रियाशील सदस्य समस्या की गहराई तक जा सकता है और विश्वसनीय जानकारी प्राप्त कर सकता है। ऐसी जानकारी अनुसंधानकर्ता को उनके आंतरिक मूल्यों को समझने में मदद करती है।
- सूचना की प्रमाणीकता संभव है - जब कभी अन्वेषक को किसी जानकारी के संबंध में कोई शक होता है तो इसकी पुनर्परीक्षण और सत्यापन की जा सकती है।
सहभागी प्रेक्षण की कमियाँ:
- उच्च स्तर की विशेषज्ञता की आवश्यकता पड़ती है (High level expertise required) - अनुसंधानकर्ता को वस्तुनिष्ठ होना अनिवार्य है। समूह के सदस्य होने के कारण व्यष्टिवादी (Individualistic) पूर्वाग्रह की संभावना बनी रहती है। अनभिज्ञ विशिष्टता की खूबियाँ नहीं प्राप्त की जा सकती हैं।
- समय का अपव्यय (Time Consuming) - सदस्यों के साथ संबंध स्थापित करने में अत्यधिक समय का अपव्यय होता है, जिनका अन्वेषक विशेषत: प्रेक्षण करना चाहता है।
- खर्चीली पद्धति (Expensive Method) - अत्यधिक समय और विशेषज्ञता की आवश्यकता पड़ती है। इस पद्धति में उच्च खर्च भी होता है।
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