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Question
एक उदाहरण देते हुए निम्नलिखित में उपसहसंयोजन यौगिक की भूमिका का संक्षिप्त विवेचना कीजिए –
औषध रसायन
Solution
औषध रसायन में कीलेट चिकित्सा के उपयोग में अभिरुचि बढ़ रही है। इसका एक उदाहरण है- पौधे/जीव-जंतु निकायों में विषैले अनुपात में विद्यमान धातुओं के द्वारा उत्पन्न समस्याओं का उपचार। इस प्रकार कॉपर तथा आयरन की अधिकता को D-पेनिसिलऐमीन तथा डेसफेरीऑक्सिम B लिगन्डों के साथ उपसहसंयोजन यौगिक बनाकर दूर किया जाता है। EDTA को लेड की विषाक्तता के उपचार में प्रयुक्त किया जाता है। प्लेटिनम के कुछ उपसहसंयोजन यौगिक ट्यूमर वृद्धि को प्रभावी रूप से रोकते हैं। उदाहरण हैं- समपक्ष-प्लेटिन (cis-platin) तथा संबंधित यौगिक।
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कीलेटी कर्मक में एक धातु आयन से आबंधन के लिए दो अथवा दो से अधिक दाता परमाणु होते हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा कीलेटी कर्मक नहीं है?
कॉलम I में दिए गए उपसहसंयोजन यौगिकों और कॉलम II में दिए केंद्रीय धात्विक परमाणुओं को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।
कॉलम I (उपसहसंयोजन यौगिक) | कॉलम II (केंद्रीय धात्विक परमाणु) |
(A) क्लोरोफिल | (1) रोडियम |
(B) रक्त वर्णक | (2) कोबाल्ट |
(C) विल्किंसन उत्परेरक | (3) कैल्सियम |
(D) विटामिन B12 | (4) आयरन |
(5) मैग्नीशियम |