English

'फूल केवल गंध ही नहीं देते दवा भी करते हैं', कैसे? - Hindi (Elective)

Advertisements
Advertisements

Question

'फूल केवल गंध ही नहीं देते दवा भी करते हैं', कैसे?

Answer in Brief

Solution

लोगों का मानना है कि फूल अपने रंग तथा गंध के कारण पहचाने जाते हैं। लेखक इस बात को नकारता है। वह गंध की महत्व को स्वीकार करता है लेकिन वह यह भी कहता है कि फूल केवल गंध नहीं देते, वह दवा भी करते हैं। वह भरभंडा नामक फूल का वर्णन करता है। इस फूल से निकलने वाला दूध आँखे आने पर दवा का काम करता है। इसे आँख में निचोड़ देने से आँख की बीमारी सही हो जाती है। नीम के फूल चेचक के मरीज को ठीक कर सकते हैं। बेर के फूलों को सूँघने मात्र से ही बर्रे-ततैये का डंक अपने आप झड़ जाता है।
shaalaa.com
बिस्कोहर की माटी
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 3: बिस्कोहर की माटी - प्रश्न-अभ्यास [Page 40]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Antaraal Class 12
Chapter 3 बिस्कोहर की माटी
प्रश्न-अभ्यास | Q 7. | Page 40

RELATED QUESTIONS

कोइयाँ किसे कहते हैं? उसकी विशेषताएँ बताइए।


'बच्चे का माँ का दूध पीना सिर्फ़ दूध पीना नहीं, माँ से बच्चे के सारे संबंधों का जीवन-चरित होता है'- टिप्पणी कीजिए।


बिसनाथ पर क्या अत्याचार हो गया?


गर्मी और लू से बचने के उपायों का विवरण दीजिए। क्या आप भी उन उपायों से परिचित हैं?


लेखक बिसनाथ ने किन आधारों पर अपनी माँ की तुलना बत्तख से की है?


बिस्कोहर में हुई बरसात का जो वर्णन बिसनाथ ने किया है उसे अपने शब्दों में लिखिए?


'प्रकृति सजीव नारी बन गई'- इस कथन के संदर्भ में लेखक की प्रकृति, नारी और सौंदर्य संबंधी मान्यताएँ सपष्ट कीजिए।


ऐसी कौन सी स्मृति है जिसके साथ लेखक को मृत्यु का बोध अजीब तौर से जुड़ा मिलता है?


पाठ में आए फूलों के नाम, साँपों के नाम छाँटिए और उनके रूप, रंग, विशेषताओं के बारे में लिखिए।


इस पाठ से गाँव के बारे में आपको क्या-क्या जानकारियाँ मिलीं? लिखिए।


वर्तमान समय-समाज में माताएँ नवजात शिशु को दूध नहीं पिलाना चाहतीं। आपके विचार से माँ और बच्चे पर इसका क्या प्रभाव पड़ रहा है?


लेखक बिसनाथ ने किन आधारों पर अपनी माँ की तलुना बत्तख से की है?


शरद में ही हरसिंगार फूलता है। पितर-पक्ख (पितृपक्ष) में मालिन दाई घर के दरवाजे पर हरसिंगार की राशि रख जाती थीं, तो खड़ी बोली हुई। गाँव की बोली में 'कुरइ जात रहीं।' बहुत ढेर सारे फूल मानो इकट्ठे ही अनायास उनसे गिर पड़ते थे। 'कुरइ देना' है तो सकर्मक लेकिन सहजता अकर्मक की है।

उपर्युक्त पंक्तियाँ किसकी आत्मकथा का वर्णन कर रही हैं और इस कथा के केंद्र में क्या है?


बिस्कोहर की माटी पाठ के अनुसार निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए -

  1. पाठ में मनुष्य के संबंधों की मार्मिक पड़ताल निहित है।
  2. जीवन की स्थितियाँ ऋतुओं के साथ बदलती हैं।
  3. प्रकृति के प्रकोप को ग्रामीण जीवन झेलता है।
  4. ग्रामीण जीवन में प्रकृति के प्रति अलगाव है।

इन कथनों में से कौन-सा/कौन-से कथन सही है/हैं -


निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए -

  1. भरभंडा : फूल
  2. डोंडहा : साँप
  3. कोइयाँ : जलपुष्प
  4. धामिन : अनाज

इन युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं -


‘कोई भी तालाब अकेला नहीं है।’ यह कथन दर्शाता है -


कथन (A) - नारी प्रकृति का सजीव रूप है।

कारण (R) - नारी शरीर से उन्हें बिस्कोहर की फसलों, वनस्पतियों की उत्कट गंध आती है।


निम्नलिखित शब्द-युग्मों को सुमेलित कीजिए -

  भाग-1   भाग-2
(1) भरभंडा (क) खेतों में पानी देने के लिए छोटी-छोटी
नालियाँ बनाई जाती है
(2) कोइयां (ख) एक प्रकार का फल
(3) बरहा (ग)  कमल का फूल
(4) पुरइ (घ) कोका-बेली

Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×