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गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए। - Science and Technology [विज्ञान और प्रौद्योगिकी]

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Question

गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।

Distinguish Between

Solution

गतिज ऊर्जा स्थितिज ऊर्जा
गतिशील अवस्था में किसी पिंड में समाविष्ट ऊर्जा को 'गतिज ऊर्जा' कहते हैं। किसी पिंड के विभिन्‍न घटकों की विशेष स्थिति अथवा संरूपण के कारण उसमें विद्यमान ऊर्जा को उसकी 'स्थितिज ऊर्जा' कहते हैं।

गतिज ऊर्जा के केवल एक ही रूप में होने के कारण, कार्य होने के लिए इसका दूसरे प्रकार की ऊर्जा में रूपांतरण करना आवश्यक है।

स्थितिज ऊर्जा गुरत्व स्थितिज तथा विद्युत स्थितिज जैसे विभिन्न रूपों में पाई जाती है और उसका गतिज ऊर्जा में रूपांतरण होने पर ही कार्य होता है।
गतिज ऊर्जा = `1/2 mv^2` स्थितिज ऊर्जा = mgh
गतिज ऊर्जा कभी भी ऋणात्मक नहीं हो सकती। स्थितिज ऊर्जा ऋणात्मक हो सकती है।
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यांत्रिक ऊर्जा और इसके प्रकार - गतिज ऊर्जा
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Chapter 2: कार्य और ऊर्जा - स्वाध्याय [Page 28]

APPEARS IN

Balbharati Science and Technology [Hindi] 9 Standard Maharashtra State Board
Chapter 2 कार्य और ऊर्जा
स्वाध्याय | Q 1. अ. | Page 28

RELATED QUESTIONS

एक पिंड को धरती से किसी कोण पर फेंका जाता है। यह एक वक्र पथ पर चलता है और वापस धरती पर आ गिरता है। पिंड के पथ के प्रारंभिक तथा अंतिम बिंदु एक ही क्षैतिज रेखा पर स्थित हैं। पिंड पर गुरुत्व बल द्वारा कितना कार्य किया गया?


पृथ्वी के चारों ओर घूमते हुए एक उपग्रह पर गुरुत्व बल द्वारा कितना कार्य किया जाएगा? अपने उत्तर को तर्कसंगत बनाइए।


m द्रव्यमान का एक पिंड एक नियत वेग v से गतिशील है। पिंड पर कितना कार्य करना चाहिए कि यह विराम अवस्था में आ जाए?


1500 kg द्रव्यमान की कार को जो 60 km/h के वेग से चल रही है, रोकने के लिए किए गए कार्य का परिकलन कीजिए।


सरल रेखा में गतिमान किसी पिंड पर गति की दिशा में कुछ दूरी तक, एक नियत बल F लगाकर इसका वेग बढ़ाया गया है। सिद्ध कीजिए कि पिंड की गतिज ऊर्जा में वृद्धि पिंड पर बल द्वारा किए गए कार्य के बराबर होती है।


एक हलका तथा दूसरा भारी, दो पिंडों के संवेग समान हैं। इनकी गतिज ऊर्जाओं का अनुपात ज्ञात कीजिए। इनमें किसकी गतिज ऊर्जा अधिक है?


कोई स्वचालित इंजन किसी 1000 kg द्रव्यमान की कार (A) को 36 km h-1 की चाल से समतल सड़क पर खींचता है। यदि यह गति 100 N घर्षण बल के तुल्य है तो इंजन की शक्ति परिकलित कीजिए। अब मान लीजिए 200 m चलने के पश्चात् यह कार समान द्रव्यमान की किसी दूसरी स्थिर कार (B) से टकराकर स्वयं विरामावस्था में आ जाती है। मान लीजिए उसी क्षण इसका इंजन भी रुक जाता है। अब कार B का इंजन चालू नहीं है और संघट्ट के पश्चात् यह उसी समतल सड़क पर चलना प्रारंभ कर देती है। संघट्ट के तुरंत पश्चात् कार B की चाल परिकलित कीजिए। 


वाट की परिभाषा लिखिए। किलोवाट को जूल प्रति सेकंड के पदों में व्यक्त कीजिए। 150 kg का कोई कार का इंजन प्रत्येक kg के लिए 500W शक्ति विकसित करता है। कार को 20ms-1 चाल से गति कराने के लिए इंजन को कितना बल लगाना पड़ता है? 


पदार्थ का द्रव्यमान m है तथा वह v वेग से गतिशील है तो गतिज ऊर्जा का सूत्र तैयार कीजिए।


क्या किसी पिंड का संवेग शून्य होने पर पिंड में गतिज ऊर्जा होती है? स्पष्ट कीजिए।


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