Advertisements
Advertisements
Question
He+ स्पेक्ट्रम के n = 4 से n = 2 बामर संक्रमण से प्राप्त तरंग-दैर्घ्य के बराबर वाला संक्रमण हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम में क्या होगा?
Solution
हाइड्रोजन जैसी स्पीशीज़ के लिए,
`bar"v" = "RZ"^2 [1/"n"_1^2 - 1/"n"_2^2]`
He+ स्पेक्ट्रम के लिए, Z = 2
∴ `bar"v" = "R" xx 4 xx [1/"n"_1^2 - 1/"n"_2^2]`
He+ स्पेक्ट्रम में बामर संक्रमण के लिए, n2 = 4 तथा n1 = 2
∴ `bar"v" = "R" xx 4 xx [1/2^2 - 1/4^2]`
= `"R" xx 4 xx 3/16`
= `3/4 "R"`
H स्पेक्ट्रम में समान तरंग-दैर्घ्य के लिए संगत संक्रमण,
`bar"v" = "R" [1/"n"_1^2 - 1/"n"_2^2] = 3/4 "R"`
या `1/"n"_1^2 - 1/"n"_2^2 = 3/4`
यह तभी संभव है जब n1 = 1 तथा n2 = 2 हो।
अत: H स्पेक्ट्रम में समान तरंग-दैर्घ्य के लिए संगत संक्रमण n = 2 से n = 1 होगा।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
जब हाइड्रोजन परमाणु के n = 4 ऊर्जा स्तर से n = 2 ऊर्जा स्तर में इलेक्ट्रॉन जाता है, तो किस तरंग-दैर्घ्य का प्रकाश उत्सर्जित होगा?
`"H"_2^+`, H2 और `"O"_2^+` स्पीशीज़ में उपस्थित इलेक्ट्रॉनों की संख्या बताइए।
सबसे लंबी द्विगुणित तरंग-दैर्घ्य जिंक अवशोषण संक्रमण 589 और 589.6 nm पर देखा जाता है। प्रत्येक संक्रमण की आवृत्ति और दो उत्तेजित अवस्थाओं के बीच ऊर्जा के अंतर की गणना कीजिए।
पाशन श्रेणी का उत्सर्जन संक्रमण n कक्ष से आरंभ होता है। कक्ष n = 3 में खत्म होता है तथा इसे v = 3.29 × 1015 (Hz) `[1/3^2 - 1/"n"^2]` से दर्शाया जा सकता है। यदि संक्रमण 1285 nm पर प्रेक्षित होता है, तो n के मान की गणना कीजिए तथा स्पेक्ट्रम का क्षेत्र बताइए।
उस उत्सर्जन संक्रमण के तरंग-दैर्घ्य की गणना कीजिए, जो 1.3225 nm त्रिज्या वाले कक्ष से आरंभ और 211.6 pm पर समाप्त होता है। इस संक्रमण की श्रेणी का नाम और स्पेक्ट्रम का क्षेत्र भी बताइए।