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इस अध्याय में आए प्रत्येक क्षेत्रक को रोजगार और सकल घरेलू उत्पाद (जी०डी०पी० ) पर ही क्यों केन्द्रित करना चाहिए? क्या अन्य वाद - पदों का परीक्षण किया जा सकता है? चर्चा करें। - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

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Question

इस अध्याय में आए प्रत्येक क्षेत्रक को रोजगार और सकल घरेलू उत्पाद (जी०डी०पी० ) पर ही क्यों केन्द्रित करना चाहिए? क्या अन्य वाद - पदों का परीक्षण किया जा सकता है? चर्चा करें।

Answer in Brief

Solution

इस अध्याय में आए प्रत्येक क्षेत्र को रोजगार और सकल घरेलू उत्पाद पर ही केंद्रित करना चाहिए क्योंकि ये दोनों, रोजगार और सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। यही हमारी पंचवर्षीय योजनाओं के प्राथमिक लक्ष्य भी रहे हैं। हमने जाना कि तीनों क्षेत्रकों का सकल घरेलू उत्पाद और रोजगार में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। समय के साथ-साथ तीनों क्षेत्रकों के योगदान में वृद्धि हुई है। परंतु सकल घरेलू उत्पाद में सबसे अधिक योगदान तृतीयक क्षेत्र का रहा है। हम जानते हैं कि रोजगार सभी क्षेत्रों में बढ़ा है किंतु अभी भी भारत की लगभग 60% जनता प्राथमिक क्षेत्रक में लगी हुई है। यह सारी जानकारी हमें तभी मिल पाई है जब हमने उनका सकल घरेलू उत्पाद तथा रोजगार के क्षेत्र में मूल्यांकन कर लिया है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक क्षेत्र को सकल घरेलू उत्पाद और रोजगार से जोड़कर कई लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं जैसे-गरीबी निवारण आधुनिक तकनीक का विकास तथा आर्थिक क्षेत्र में विकास की असमानताओं को कम करना आदि।

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आर्थिक कार्यों के क्षेत्रक
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Chapter 2: भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक - अभ्यास [Page 36]

APPEARS IN

NCERT Social Science - Economics: Understanding Economic Development [Hindi] Class 10
Chapter 2 भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक
अभ्यास | Q 7. | Page 36

RELATED QUESTIONS

______ क्षेत्रक के श्रमिक वस्तुओं का उत्पादन नहीं करते हैं।


कपास एक ______ उत्पाद है और कपड़ा एक ______ उत्पाद है। (प्राकृतिक/विनिर्मित)


प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रक की गतिविधियाँ ______ हैं।


किसी वर्ष में उत्पादित ______ कुल मूल्य को स. घ. उ. कहते हैं।


स. घ. उ. के मदों में वर्ष 2003 में तृतीयक क्षेत्र की हिस्सेदारी ______ प्रतिशत है।


निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए

  कृषि क्षेत्रक की समस्याएँ   कुछ संभावित उपाय
1. असिंचित भूमि (अ)  कृषि-आधारित मिलों की स्थापना
2. फसलों का कम मूल्य (ब) सहकारी विपणन समिति
3. कर्ज भार (स) सरकार द्वारा खाद्यान्नों की वसूली
4. मंदी काल में रोजगार का अभाव (द) सरकार द्वारा नहरों का निर्माण
5. कटाई के तुरंत बाद स्थानीय व्यापारियों को अपना अनाज बेचने की विवशता (य) कम ब्याज पर बैंकों द्वारा साख उपलब्ध कराना।

असंगत की पहचान करें और बताइए क्यों?

एम०टी०एन०एल०, भारतीय रेल, एयर इंडिया, सहारा एयरलाइन्स, ऑल इंडिया रेडियो।


क्या आप मानते हैं कि आर्थिक गतिविधियों का प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक क्षेत्र में विभाजन की उपयोगिता है? व्याख्या कीजिए कि कैसे?


तृतीयक क्षेत्रक अन्य क्षेत्रकों से भिन्न कैसे हैं? सोदाहरण व्याख्या कीजिए।


व्याख्या कीजिए कि किसी देश के आर्थिक विकास में सार्वजनिक क्षेत्रक कैसे योगदान करता है?


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