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क्या आप मानते हैं कि आर्थिक गतिविधियों का प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक क्षेत्र में विभाजन की उपयोगिता है? व्याख्या कीजिए कि कैसे? - Social Science (सामाजिक विज्ञान)

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Question

क्या आप मानते हैं कि आर्थिक गतिविधियों का प्राथमिक, द्वितीयक एवं तृतीयक क्षेत्र में विभाजन की उपयोगिता है? व्याख्या कीजिए कि कैसे?

Answer in Brief

Solution

समाज में लोग अपनी आजीविका कमाने के लिए विभिन्न प्रकार की आर्थिक गतिविधियों में लगे रहते हैं। कोई वस्तुओं का उत्पादन करता है, कोई वस्तुओं को बेचता है या फिर अन्य काम में लगे रहते हैं। इन सब आर्थिक क्रियाओं को तभी समझा जा सकता है जब उन्हें विभिन्न वर्गों में विभाजित किया जाए। इसलिए विभिन्न आर्थिक क्रियाओं को प्राथमिक, द्वितीयक तथा तृतीयक क्षेत्र में बाँट कर उन्हें समझने का प्रयास किया गया है। प्राथमिक क्षेत्र में केवल वे क्रियाएँ शामिल की गई हैं जो प्राकृतिक संसाधनों का प्रयोग करके ही की जा सकती हैं, जैसे-कृषि कार्य, पशुपालन आदि। द्वितीयक क्षेत्र में वे क्रियाएँ शामिल हैं जो प्राथमिक क्षेत्र के संसाधनों का प्रयोग करके विभिन्न वस्तुओं का निर्माण करती हैं, जैसे-गन्ने से चीनी बनाना तथा कपास से कपड़ा तैयार करना । तृतीयक क्षेत्र में किसी वस्तु का निर्माण न करके केवल सेवाएँ प्रदान की जाती हैं, जैसे-बैंकिंग, परिवहन तथा संचार सेवाएँ आदि। ये महत्वपूर्ण क्रियाएँ हैं क्योंकि अन्य दोनों प्रकार की क्रियाओं का विकास इन्हीं पर निर्भर करता है।

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आर्थिक कार्यों के क्षेत्रक
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Chapter 2: भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक - अभ्यास [Page 36]

APPEARS IN

NCERT Social Science - Economics: Understanding Economic Development [Hindi] Class 10
Chapter 2 भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्रक
अभ्यास | Q 6. | Page 36

RELATED QUESTIONS

______ क्षेत्रक के श्रमिक वस्तुओं का उत्पादन नहीं करते हैं।


कपास एक ______ उत्पाद है और कपड़ा एक ______ उत्पाद है। (प्राकृतिक/विनिर्मित)


किसी वर्ष में उत्पादित ______ कुल मूल्य को स. घ. उ. कहते हैं।


स. घ. उ. के मदों में वर्ष 2003 में तृतीयक क्षेत्र की हिस्सेदारी ______ प्रतिशत है।


निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए

  कृषि क्षेत्रक की समस्याएँ   कुछ संभावित उपाय
1. असिंचित भूमि (अ)  कृषि-आधारित मिलों की स्थापना
2. फसलों का कम मूल्य (ब) सहकारी विपणन समिति
3. कर्ज भार (स) सरकार द्वारा खाद्यान्नों की वसूली
4. मंदी काल में रोजगार का अभाव (द) सरकार द्वारा नहरों का निर्माण
5. कटाई के तुरंत बाद स्थानीय व्यापारियों को अपना अनाज बेचने की विवशता (य) कम ब्याज पर बैंकों द्वारा साख उपलब्ध कराना।

असंगत की पहचान करें और बताइए क्यों?

शिक्षक, डॉक्टर, सब्जी विक्रेता, वकील


असंगत की पहचान करें और बताइए क्यों?

डाकिया, मोची, सैनिक, पुलिस कांस्टेबल


असंगत की पहचान करें और बताइए क्यों?

एम०टी०एन०एल०, भारतीय रेल, एयर इंडिया, सहारा एयरलाइन्स, ऑल इंडिया रेडियो।


इस अध्याय में आए प्रत्येक क्षेत्रक को रोजगार और सकल घरेलू उत्पाद (जी०डी०पी० ) पर ही क्यों केन्द्रित करना चाहिए? क्या अन्य वाद - पदों का परीक्षण किया जा सकता है? चर्चा करें।


तृतीयक क्षेत्रक अन्य क्षेत्रकों से भिन्न कैसे हैं? सोदाहरण व्याख्या कीजिए।


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