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Question
इस कहानी में हमारी व्यवस्था पर जो व्यंग्य किया गया है, उसे स्पष्ट कीजिए।
Answer in Brief
Solution
इस कहानी में लेखक ने हमारी शासन व्यवस्था पर करारा व्यंग्य किया है। शेर के माध्यम से उसने यह व्यंग्य किया है। पहली बार में कहानी स्पष्ट नहीं हो पाती है। जब हम गंभीरता से इसे पुनः पढ़ते हैं, तो समझ आता है कि लेखक ने शासन व्यवस्था की खिल्ली उड़ाई है। उसे पढ़कर हँसने लगते हैं। शेर का मुँह उस शासन व्यवस्था को दर्शाता है, जिसमें लोग जाकर कभी लौट नहीं पाते हैं। वे मुँह में समाकर मर जाते हैं या उनका अस्तित्व नष्ट हो जाता है। यहाँ पर बस विश्वास के सहारे ही खाई में गिरने को तैयार हो जाते हैं। नेताओं द्वारा चुनाव जीतने से पहले आम जनता को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन दिए जाते हैं। उन्हें विश्वास दिलाया जाता है कि वह उनका पूरा ख्याल रखेंगे। जनता उस झाँसे को सच मान लेती है और अपना मत देकर उन्हें विजयी बना देती है। इस प्रकार वे विश्वास में अपना शोषण करवाती है और गलत उम्मीदवार को चुन लेती है। उम्मीदवार भी अंत तक उन्हें विश्वास के धोखे में रखता है और उनका जमकर शोषण करता है।
shaalaa.com
असगर वजाहत
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