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Question
जैवप्रौद्योगिकी द्वारा कृषि व्यवस्थापन होने वाले परिणाम को उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए।
Answer in Brief
Solution
- फसलों के डी.एन.ए. में बदलाव लाकर जनुकीय सुधारित प्रजाति (Genetically Modified Crops) का निर्माण किया जाता है। बहुधा ऐसी प्रजातियाँ निसर्ग में नहीं पाई जातीं। इस प्रजाति में नए-निराले उपयुक्त गुणधर्म संकरित किए जाते हैं।
- वातावरणीय प्रतान सहन करने की क्षमता-निरंतर बदलता तापमान, गीला व सूखा अकाल, बदलती जलवायु ये सभी वातावरणीय प्रतान कुछ नैसर्गिक प्रजाति सहन नहीं कर सकती पर GM प्रजाति इनमें से किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में वृद्धि दर्शाती है।
- उपद्रवी कीटक, रोगजंतु, रासायनिक अपतृणनाशक का प्रतिरोध करने की क्षमता इस प्रजाति में होने के कारण जंतुनाशक कीटनाशक व अपतृणनाशक का उपयोग टाला जा सकता है।
- GM प्रजाति के बीजों के कारण फसलों का पोषक मूल्य बढ़ता है तथा उनमें कम खराबी आती है।
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जैवप्रौद्योगिकी
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