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जैवप्रौद्‌योगिकी द्वारा कृषि व्यवस्थापन होने वाले परिणाम को उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए। - Science and Technology [विज्ञान और प्रौद्योगिकी]

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Question

जैवप्रौद्‌योगिकी द्वारा कृषि व्यवस्थापन होने वाले परिणाम को उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए।

Answer in Brief

Solution

  1. फसलों के डी.एन.ए. में बदलाव लाकर जनुकीय सुधारित प्रजाति (Genetically Modified Crops) का निर्माण किया जाता है। बहुधा ऐसी प्रजातियाँ निसर्ग में नहीं पाई जातीं। इस प्रजाति में नए-निराले उपयुक्त गुणधर्म संकरित किए जाते हैं।
  2. वातावरणीय प्रतान सहन करने की क्षमता-निरंतर बदलता तापमान, गीला व सूखा अकाल, बदलती जलवायु ये सभी वातावरणीय प्रतान कुछ नैसर्गिक प्रजाति सहन नहीं कर सकती पर GM प्रजाति इनमें से किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में वृद्‌धि दर्शाती है।
  3. उपद्रवी कीटक, रोगजंतु, रासायनिक अपतृणनाशक का प्रतिरोध करने की क्षमता इस प्रजाति में होने के कारण जंतुनाशक कीटनाशक व अपतृणनाशक का उपयोग टाला जा सकता है।
  4. GM प्रजाति के बीजों के कारण फसलों का पोषक मूल्य बढ़ता है तथा उनमें कम खराबी आती है।
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जैवप्रौद्योगिकी
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Chapter 17: जैव प्रौद्योगिकी की पहचान - स्वाध्याय [Page 208]

APPEARS IN

Balbharati Science and Technology [Hindi] 9 Standard Maharashtra State Board
Chapter 17 जैव प्रौद्योगिकी की पहचान
स्वाध्याय | Q 6. ii | Page 208
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