Advertisements
Advertisements
Question
टिप्पणी लिखिए।
जनुकीय अभियांत्रिकी
Short Note
Solution
- जनुकीय अभियांत्रिकी जैवप्रौदयोगिकी के एक महत्वपूर्ण तकनीक के रूप में डी. एन. ए. के नाइट्रोजन पदार्थ की संरचना में परिवर्तन किया जाता है।
- इससे हम आवश्यक गुणधर्मों वाले प्रजातियों का निर्माण कर सकते हैं। इसके अलावा, वनस्पतियों और प्राणियों में नई और उपयोगी विशिष्टताएँ विकसित की जा सकती हैं।
- यह तकनीक नकदी फसलों के उत्पादन और उनकी प्रजातियों में सुधार के लिए किया जाता है।
- जनुकीय अभियांत्रिकी वनस्पति की पर्यावरणीय आपदाओं को सहन करने की क्षमता में भी वृद्धि करती है।
- इन तकनीकों का उपयोग टीका निर्मिति, जन्मजात रोगों का पूर्वनिदान, अंग प्रत्यारोपण, कैंसर अनुसंधान, प्रयोगशाला में कृत्रिम त्वचा उत्पादन, उपास्थि का उत्पादन, आदि में किया जाता है।
shaalaa.com
जैवप्रौद्योगिकी
Is there an error in this question or solution?
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित गलत कथन को सही करके पुन: लिखिए।
गैर जनुकीय प्रौद्योगिकी में कोशिका के जनुक में ही बदलाव किया जाता है।
जैव प्रौद्योगिकी के उपयोग से बनी कौन-सी वस्तुएँ आप आपके जीवन में उपयोग में लाते हैं ?
नीचे दी गई तालिका पूर्ण करो।
जैव प्रौद्योगिकी जिस प्रकार उपयोगी है उसी प्रकार कुछ प्रमाण में हानिकारक भी है, इसपर तुलनात्मक लेखन करो।
जैवप्रौद्योगिकी द्वारा कृषि व्यवस्थापन होने वाले परिणाम को उदाहरण के साथ स्पष्ट कीजिए।
जैवप्रौद्योगिकी में कौन-से दो मुख्य तंत्रों का उपयोग होता है? क्यों?
जैवप्रौद्योगिकी का अर्थ स्पष्ट करें।