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निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-जपमाला, छापैं, तिलक सरै न एकौ कामु।मन-काँचै नाचै बृथा, साँचै राँचै रामु।। - Hindi Course - B

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Question

निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
जपमालाछापैंतिलक सरै न एकौ कामु।
मन-काँचै नाचै बृथासाँचै राँचै रामु।।

One Line Answer

Solution

बिहारी का मानना है कि बाहरी आडम्बरों से ईश्वर नहीं मिलते। माला फेरनेहल्दी चंदन का तिलक लगाने या छापै लगाने से एक भी काम नहीं बनता। कच्चे मन वालों का हृदय डोलता रहता है। वे ही ऐसा करते हैं लेकिन राम तो सच्चे मन से याद करने वाले के हृदय में रहते हैं।

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दोहे
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Chapter 1.3: दोहे - प्रश्न-अभ्यास (ख) [Page 16]

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NCERT Hindi - Sparsh Part 2 Class 10
Chapter 1.3 दोहे
प्रश्न-अभ्यास (ख) | Q 3 | Page 16

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