English

कवि बिहारी ने छाया के प्रति अनूठी कल्यना की है। स्पष्ट कीजिए। - Hindi Course - B

Advertisements
Advertisements

Question

कवि बिहारी ने छाया के प्रति अनूठी कल्यना की है। स्पष्ट कीजिए।

Short Note

Solution

कवि बिहारी ने जेठ माह की प्रचंड गरमी के बीच छाया को देखकर अनूठी और सर्वथा नवीन कल्पना की है कि छाया भी गरमी से बेहाल होकर जंगल में चली गई है और वह भी घर में या पेड़ों के नीचे बैठना चाहती है अर्थात् छाया भी छाया चाहने लगी है।

shaalaa.com
दोहे
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1.3: दोहे - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi - Sparsh Part 2 Class 10
Chapter 1.3 दोहे
अतिरिक्त प्रश्न | Q 4

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
छाया भी कब छाया ढूँढ़ने लगती है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
बिहारी की नायिका यह क्यों कहती है 'कहिहै सबु तेरौ हियौमेरे हिय की बात' - स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
सच्चे मन में राम बसते हैं−दोहे के संदर्भानुसार स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
गोपियाँ श्रीकृष्ण की बाँसुरी क्यों छिपा लेती हैं?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
बिहारी कवि ने सभी की उपस्थिति में भी कैसे बात की जा सकती हैइसका वर्णन किस प्रकार किया हैअपने शब्दों में लिखिए।


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
जगतु तपोबन सौ कियौ दीरघ-दाघ निदाघ।


निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
जपमालाछापैंतिलक सरै न एकौ कामु।
मन-काँचै नाचै बृथासाँचै राँचै रामु।।


सतसैया के दोहरे, ज्यों नावक के तीर ।
देखन में छोटे लगै, घाव करें गंभीर ।।
अध्यापक की मदद से बिहारी विषयक इस दोहे को समझने का प्रयास करें। इस दोहे से बिहारी की भाषा संबंधी किस विशेषता का पता चलता है?


कृष्ण के साँवले शरीर पर पीला वस्त्र कैसा लग रहा है?


गोपियाँ बातों का आनंद लेने के लिए क्या करती हैं?


बिहारी के दोहे के आधार पर नायिका नायक को संदेश भिजवाने में असमर्थ क्यों रहती है?


बिहारी भगवान से क्या प्रार्थना करते हैं ?


बिहारी गागर में सागर भरने की कला में सिद्धहस्त हैं। कहत नटत…’ दोहे के आधार पर स्पष्ट कीजिए।


कवि बिहारी भी कबीर की भाँति आडंबरपूर्ण भक्ति से दूर रहना चाहते थे। स्पष्ट कीजिए।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×