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जब सोडियम धातु को विभिन्न तरंग-दैर्घ्यों के साथ विकीर्णित किया जाता है- λ (nm) 500 450 400 v × 10−5 (cm s−1) 2.55 4.35 5.35 देहली तरंग-दैर्घ्य तथा प्लांक स्थिरांक की गणना कीजिए। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

जब सोडियम धातु को विभिन्न तरंग-दैर्घ्यों के साथ विकीर्णित किया जाता है, तो निम्नलिखित परिणाम प्राप्त होते हैं-

λ (nm) 500 450 400
v × 10−5 (cm s−1) 2.55 4.35 5.35

देहली तरंग-दैर्घ्य तथा प्लांक स्थिरांक की गणना कीजिए।

Numerical

Solution

माना कि, देहली तरंग-दैर्घ्य λ0 nm अर्थात् λ0 × 10−9 m है।

h(v − v0) = `1/2"mv"^2` ...........(i)

चूँकि v = `"c"/λ`, समीकरण (i) को निम्न प्रकार लिख सकते हैं-

`"hc" [1/λ - 1/λ_0] = 1/2 "mv"^2` ..............(ii)

तीनों प्रयोगों के दिए गए परिणामों को समीकरण (ii) में प्रतिस्थापित करने पर, 

`"hc"/10^-9 [1/500 - 1/λ_0] = 1/2 "m" xx (2.55 xx 10^6)^2` .......(iii)

`"hc"/10^-9 [1/450 - 1/λ_0] = 1/2 "m" xx (4.35 xx 10^6)^2` .....…(iv)

`"hc"/10^-9 [1/400 - 1/λ_0] = 1/2 "m" xx (5.35 xx 10^6)^2` ........…(v)

समीकरण (iv) को समीकरण (iii) से भाग देने पर,

`(λ_0 - 450)/(450 λ_0) xx (500 λ_0)/(λ_0 - 500) = [4.35/2.55]^2`

या `(λ_0 - 450)/(λ_0 - 500) = [4.35/2.55]^2 xx 450/500` = 2.619

या λ0 − 450 = 2.619 λ0 − (500 × 2.619)

या 1.619 λ0 = 1309.5 − 450 = 859.5

या λ0 = `859.5/1.619` = 530.88 = 531 nm

प्लांक स्थिरांक h का मान, λ0 के मान को तीनों सभिकणों में से किसी एक में प्रतिस्थापित करने पर प्राप्त किया जा सकता है।

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बोर के परमाणु मॉडल के विकास की पृष्ठभूमि - विद्युत-चुंबकीय विकिरण की कणीय प्रकृति - प्लांक का क्वांटम सिद्धांत
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Chapter 2: परमाणु की संरचना - अभ्यास [Page 71]

APPEARS IN

NCERT Chemistry - Part 1 and 2 [Hindi] Class 11
Chapter 2 परमाणु की संरचना
अभ्यास | Q 2.52 | Page 71

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ऐसा प्रकाश, जिसकी तरंग-दैर्घ्य 4000 pm हो और जो 1 J ऊर्जा दे, के फोटॉनों की संख्या बताइए।


यदि 4 × 10−7 m तरंग-दैर्घ्य वाला एक फोटॉन 2.13 eV कार्यफलन वाली धातु की सतह से टकराता है, तो

  1. फोटॉन की ऊर्जा (eV में)
  2. उत्सर्जन की गतिज ऊर्जा और
  3. प्रकाशीय इलेक्ट्रॉन के वेग का परिकलन कीजिए।

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25 वॉट का एक बल्ब 0.57 μ m तरंग-दैर्घ्य वाले पीले रंग का एकवर्णी प्रकाश उत्पन्न करता है। प्रति सेकंड क्वांटा के उत्सर्जन की दर ज्ञात कीजिए।


2.05 × 107 ms−1 वेग से गति कर रहे किसी इलेक्ट्रॉन का तरंग-दैर्घ्य क्या होगा?


इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान 9.1 × 10−31 kg हैं। यदि इसकी गतिज ऊर्जा 3.0 × 1025 J हो, तो इसकी तरंग-दैर्घ्य की गणना कीजिए।


निम्नलिखित विकिरणों के प्रकारों को आवृत्ति के बढ़ते हुए क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

(क) माइक्रोवेव ओवन (oven) से विकिरण

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निऑन गैस को सामान्यतः संकेत बोर्डों में प्रयुक्त किया जाता है। यदि यह 616 nm पर प्रबलता से विकिरण-उत्सर्जन करती है, तो

(क) उत्सर्जन की आवृत्ति

(ख) 30 सेकंड में इस विकिरण द्वारा तय की गई दूरी

(ग) क्वांटम की ऊर्जा तथा

(घ) उपस्थित क्वांटम की संख्या की गणना कीजिए।

(यदि यह 2 J की ऊर्जा उत्पन्न करती है।)


खगोलीय प्रेक्षणों में दूरस्थ तारों से मिलने वाले संकेत बहुत कमजोर होते हैं। यदि फोटॉन संसूचक 600 nm के विकिरण से कुल 3.15 × 10−18 J प्राप्त करता है, तो संसूचक द्वारा प्राप्त फोटॉनों की संख्या की गणना कीजिए।


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(क) उत्सर्जित विकिरण की देहली तरंग-दैर्घ्य

(ख) देहली आवृत्ति की गणना कीजिए।

यदि सीज़ियम तत्व को 500 nm की तरंग-दैर्घ्य के साथ विकीर्णित किया जाए, तो निकले हुए फोटोइलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा और वेग की गणना कीजिए।


प्रकाश-विद्युत प्रभाव प्रयोग में सिल्वर धातु से फोटोइलेक्ट्रॉन का उत्सर्जन 0.35 V की वोल्टता द्वारा रोका जा सकता है। जब 256.7 nm के विकिरण का उपयोग किया जाता है, तो सिल्वर धातु के लिए कार्यफलन की गणना कीजिए।


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