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Question
कार्बन के दो महत्त्वपूर्ण अपररूप हीरा तथा ग्रैफाइट की संरचना का चित्र बनाइए। इन दोनों अपररुपों के भौतिक गुणों पर संरचना का क्या प्रभाव पड़ता है?
Solution
हीरा (Diamond):
हीरा में क्रिस्टलीय जालक होता है। इसमें प्रत्येक परमाणु sp3-संकरित होता है तथा चतुष्फलकीय ज्यामिति से अन्य चार कार्बन परमाणुओं से जुड़ा रहता है। इसमें कार्बन-कार्बन बंध लंबाई 154 pm होती है। कार्बन परमाणु दिक (space) में दृढ़ त्रिविमीय जालक (rigid three dimensional network) का निर्माण करते हैं। इस संरचना (चित्र) में संपूर्ण जालक में दिशात्मक सहसंयोजक बंध उपस्थित रहते हैं। इस प्रकार विस्तृत सहसंयोजक बंधन को तोड़ना कठिन कार्य होता है। अत: हीरा पृथ्वी पर पाया जाने वाला सर्वाधिक कठोर पदार्थ है। इसका उपयोग धार तेज करने के लिए अपघर्षक (abrasive) के रूप में, रूपदा (dies) बनाने में तथा विद्युत-प्रकाश लैम्प में टंगस्टन तंतु (filament) बनाने में होता है।
हीरा की संरचना
ग्रैफाइट (Graphite):
ग्रैफाइट की पर्तीय संरचना (layered structure) होती है। ये पर्ते वांडर वाल्स बल द्वारा जुड़ी रहती हैं। इस कारण ग्रैफाइट चिकना (slippery) तथा मुलायम (soft) होता है। दो पर्तों के मध्य की दूरी 340 pm होती है। प्रत्येक पर्त में कार्बन परमाणु षट्कोणीय वलय (hexagonal rings) के रूप में व्यवस्थित होते हैं जिसमें C-C बंध लंबाई 141.5 pm होती है। षट्कोणीय वलय में प्रत्येक कार्बन परमाणु sp2-संकरित होता है। प्रत्येक कार्बन परमाणु तीन निकटवर्ती कार्बन परमाणुओं से तीन सिग्मा बंध बनाता है। इसका चौथा इलेक्ट्रॉन p-बंध बनाता है। संपूर्ण पर्त में इलेक्ट्रॉन विस्थानीकृत होते हैं। इलेक्ट्रॉन गतिशील होते हैं; अतः ग्रैफाइट विद्युत का सुचालक होता है। उच्च ताप पर जिन मशीनों में तेल का प्रयोग स्नेहक (lubricant) के रूप में नहीं हो सकता है, उनमें ग्रैफाइट शुष्क स्नेहक का कार्य करता है।
ग्रैफाइट की संरचना
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कारण बताइए-
ग्रैफाइट शुष्क स्नेहक के रूप में प्रयुक्त होता है।
कारण बताइए-
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अपररूप क्या होता है?