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Question
संरचना के आधार पर हीरा तथा ग्रैफाइट के गुणों में निहित भिन्नता को समझाइए।
Distinguish Between
Solution
क्रम संख्या | हीरा | ग्रैफाइट |
1. | हीरे में क्रिस्टलीय जालक होता है। इसमें एक-दूसरे से बंधे कार्बन परमाणुओं का जाल होता है। | ग्रैफाइट में पर्तें 340 pm की दूरी पर पृथक्कृत रहती हैं। इन पर्तों के बीच यह अत्यधिक दूरी प्रदर्शित करती है की केवल दुर्बल वांडरवाल्स बल इन पर्तों को बाँधे रखते है। |
2. | प्रत्येक कार्बन परमाणु sp3 संकरित होता है तथा एकल सहसंयोजी बंध द्वारा चार अन्य कार्बन परमाणुओं से जुड़ा रहता है। | ग्रैफाइट में, प्रत्येक कार्बन परमाणु sp2 संकरण प्रदर्शित करता है तथा तीन अन्य कार्बन परमाणुओं से सहसंयोजी रूप से जुड़ा रहता है। |
3. | प्रत्येक कार्बन परमाणु चतुष्फलक के केंद्र पर स्थित होता है तथा अन्य चार कार्बन परमाणु चतुष्फलक के चारों कोनों पर स्थित होते है। | प्रत्येक कार्बन परमाणु में चौथा इलेक्ट्रॉन π-बंध बनाता है।अतः यह द्विविमीय षट्कोणीय वलय रखता है। |
4. | C-C बंध लंबाई 154 pm होती है। इसलिए हीरे में प्रबल सहसंयोजी बंधों का त्रिविमिय जाल होता है। | वलय में C-C सहसंयोजी दूरी 142 pm होती है जो प्रबल बंध को व्यक्त करती है। इन वलयों लो व्यवस्था पर्तें बनती है। |
5. | यह अत्यंत कठोर होता है। इसका गलनांक उच्च होता है। | यह अत्यंत कोमल होता है। इसे मशीनों में शुष्क स्नेहक की भाँति प्रयोग किया जा सकता है। |
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कार्बन के अपररूप
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Chapter 11: p-ब्लॉक तत्त्व - अभ्यास [Page 331]
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हीरा में कार्बन की संकरण-अवस्था क्या होती है?
ग्रैफाइट में कार्बन की संकरण-अवस्था क्या होती है?
कारण बताइए-
ग्रैफाइट शुष्क स्नेहक के रूप में प्रयुक्त होता है।
कारण बताइए-
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अपररूप क्या होता है?
कार्बन के दो महत्त्वपूर्ण अपररूप हीरा तथा ग्रैफाइट की संरचना का चित्र बनाइए। इन दोनों अपररुपों के भौतिक गुणों पर संरचना का क्या प्रभाव पड़ता है?