Advertisements
Advertisements
Question
कारणे लिहा.
मध्य अक्षवृत्तीय पट्ट्यांमध्ये सागरजलाच्या क्षारतेत वाढ झालेली दिसते.
Solution
- मध्य अक्षवृत्तीय पट्ट्यात (२५° ते ३५° उत्तर व दक्षिण) पर्जन्यमान कमी असते.
- नद्यांतून येणारा गोड्या पाण्याचा पुरवठाही कमी असतो.
- या पट्ट्यामध्ये वाळवंटी प्रदेश आहेत, त्यामुळे तेथील मध्य अक्षवृत्तीय पट्ट्यांमध्ये सागरजलाच्या क्षारतेत वाढ झालेली आढळते.
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
खालील वैशिष्ट्यांवरून त्या त्या प्रदेशातील सागरजलक्षारता ओळखा व योग्य त्या चौकटीत ✓ खूण करा.
(अ) तिरपी सूर्यकिरणे, वितळणारे बर्फ.
(आ) अधिक काळ ढगाळलेले आकाश, वर्षभर पर्जन्य.
(इ) बहुतेक दिवस निरभ्र आकाश, लंबरूप सूर्यकिरणे.
(ई) गोड्या पाण्याचा पुरवठा कमी, सभोवती वाळवंटी प्रदेश.
(उ) तापमान कमी, नदीजलाचा मुबलक पुरवठा.
(ऊ) खंडांतर्गत स्थान, सभाेवती वाळवंट, कमी पर्जन्य.
कारणे लिहा.
बाल्टिक या भूवेष्टित समुद्राची क्षारता कमी आढळते.
कारणे लिहा.
समान अक्षवृत्तावरील महासागरात क्षारता सारखीच आढळत नाही.
सागरजलक्षारतेच्या भिन्नतेवर परिणाम करणारे घटक कोणते?
पुढील गोष्टीवर तापमानाचा काय परिणाम होतो, ते स्पष्ट करा.
सागरी जलाची क्षारता
खुल्या व भूवेष्टित सागराची क्षारता दर्शवणारा तक्ता पूर्ण करा.
पाण्याचे बाष्पीभवन | गोड्या पाण्याचा पुरवठा | |||||
प्रदेश | अक्षांश | सौरऊर्जा | पर्जन्यमान | नदीजल | हिमजल | सरासरी क्षारता-सुमारे |
विषुववृत्तीय | ०° − १५° | जास्त | बारमाही | जास्त | ______ | ३४‰ |
उष्ण कटिबंध | १५° − ३५° | ______ | हंगामी | ______ | ______ | ३७‰ |
समशीतोष्ण | ३५° − ६५° | कमी | ______ | ______ | ______ | ३३‰ |
धृवीय | ६५° − ९०° | ______ | ______ | कमी | भरपूर | ३१‰ |
भूवेष्टित समुद्र | सौरऊर्जा | पर्जन्यमान | नदीजल | हिमजल | सरासरी क्षारता-सुमारे | |
भूमध्य समुद्र | जास्त | कमी | कमी | ______ | ३९‰ | |
तांबडा समुद्र | ______ | ______ | ______ | ______ | ४१‰ | |
बाल्टिक समुद्र | कमी | ______ | मध्यम | ______ | ७‰ | |
मृत समुद्र | ______ | खूप कमी | अति कमी | ______ | ३३२‰ | |
कॅस्पियन समुद्र | ______ | ______ | ______ | ______ | १५५‰ | |
ग्रेट सॉल्ट लेक | मध्यम | ______ | ______ | ______ | २२०‰ |