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काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -तेरे गीत कहावें वाह, रोना भी है मुझे गुनाह!देख विषमता तेरी-मेरी, बजा रही तिस पर रणभेरी! - Hindi Course - A

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Question

काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए -
तेरे गीत कहावें वाह, रोना भी है मुझे गुनाह!
देख विषमता तेरी-मेरी, बजा रही तिस पर रणभेरी!

Short Note

Solution

प्रस्तुत काव्य पंक्तियों में कवि ने अपने तथा कोयल के जीवन की विषमताओं की ओर संकेत किया है। कवि ने यहाँ तुकबंदी का प्रयोग किया है, अपनी तथा कोयल के जीवन की तुलना की है तथा सरल भाषा का प्रयोग किया है।

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पद्य (Poetry) (Class 9 A)
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Chapter 12: कैदी और कोकिला - प्रश्न अभ्यास [Page 111]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
Chapter 12 कैदी और कोकिला
प्रश्न अभ्यास | Q 11.2 | Page 111

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