English

भाव स्पष्ट कीजिए - आँधी पीछै जो जल बूठा, प्रेम हरि जन भींनाँ। - Hindi Course - A

Advertisements
Advertisements

Question

भाव स्पष्ट कीजिए -

आँधी पीछै जो जल बूठा, प्रेम हरि जन भींनाँ।

One Line Answer

Solution

ज्ञान की आँधी के पश्चात् जो जल बरसा उस जल से मन हरि अर्थात् ईश्वर की भक्ति में भीग गया।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 9 A)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 9: साखियाँ एवं सबद - प्रश्न अभ्यास [Page 93]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Kshitij Part 1 Class 9
Chapter 9 साखियाँ एवं सबद
प्रश्न अभ्यास | Q 13.2 | Page 93

RELATED QUESTIONS

'मानसरोवर' से कवि का क्या आशय है?


बंद द्वार की साँकल खोलने के लिए ललद्यद ने क्या उपाय सुझाया है?


भाव स्पष्ट कीजिए -
(क) कोटिक ए कलधौत के धाम करील के कुंजन ऊपर वारौं।
(ख) माइ री वा मुख की मुसकानि सम्हारी न जैहै, न जैहै, न जैहै।


गाँव को 'मरकत डिब्बे सा खुला' क्यों कहा गया है?


खेतों में खड़ी मटर के सौंदर्य का वर्णन ‘ग्राम श्री’ कविता के आधार पर कीजिए।


‘चंद्रगहना से लौटती बेर’ कविता में सारस का स्वर कवि को कैसा प्रतीत होता है? इसे सुनकर उसके मन में क्या इच्छा होती है?


भाव स्पष्ट कीजिए -

क्षमा करो गाँठ खुल गई अब भरम की


‘मेघ आए’ कविता में बादलों को किसके समान बताया गया है?


कविता में मेघ रूपी मेहमान के आने पर कौन क्या कर रहे हैं?


भाव स्पष्ट कीजिए -

सभी दिशाओं में यमराज के आलीशान महल हैं
और वे सभी में एक साथ
अपनी दहकती आँखों सहित विराजते हैं


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×