Advertisements
Advertisements
Question
बहुविकल्पी प्रश्न
कवि अपनी कविता के माध्यम से आह्वान कर रहा है
Options
स्वतंत्रता सेनानियों
देशवासियों से
नवयुवकों से
सेना से
Solution
नवयुवकों से
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
बहुविकल्पी प्रश्न
इस कविता के रचयिता कौन हैं?
बहुविकल्पी प्रश्न
यह गीत कैसा गीत है?
यह कविता किस वाद से प्रभावित है?
नमूना → |
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
|
चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे। |
उस तरु से इस तरु पर आता,
जाता हूँ धरती की ओर।
सही शब्द चुनकर वाक्य पूरा करो
सूरज ने ___________ बंद कर दिया अपने घर का दरवाज़ा।
सूरज को उसकी माँ ने क्यों बुला लिया?
बताओ तुम ये काम कैसे करोगे? शिक्षक से भी सहायता लो।
समय को रहा दिखाना
पक्षियों को पिंजरे में बंद करने से केवल उनकी आज़ादी का हनन ही नहीं होता, अपितु पर्यावरण भी प्रभावित होता है। इस विषय पर दस पंक्तियों में अपने विचार लिखिए।
क्या आपको लगता है कि मानव की वर्तमान जीवन-शैली और शहरीकरण से जुड़ी योजनाएँ पक्षियों के लिए घातक हैं? पक्षियों से रहित वातावरण में अनेक समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इन समस्याओं से बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए? उक्त विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन कीजिए।
पहली कठपुतली की बात दूसरी कठपुतलियों को क्यों अच्छी लगी?
दूर फैला अंधकार कैसा दिख रहा है?
रहीम मनुष्य को धरती से क्या सीख देना चाहता है?
नीचे दी गई कविता की पंक्तियों को सामान्य वाक्य में बदलिए।
जैसे-एक तिनका आँख में मेरी पड़ा-मेरी आँख में एक तिनका पड़ा।
मूँठ देने लोग कपड़े की लगे-लोग कपड़े की मूँठ देने लगे।
(क) एक दिन जब था मुंडेरे पर खड़ा- ____________
(ख) लाल होकर आँख भी दुखने लगी- __________
(ग) ऐंठ बेचारी दबे पाँवों भगी- ___________
(घ) जब किसी ढब से निकल तिनका गया- ____________
आँख में तिनका पड़ने के बाद घमंडी की क्या दशा हुई?
कवि की बेचैनी का क्या कारण था?
नमूने के अनुसार लिखो:
नमूना → |
छोड़ घोंसला बाहर आया. देखी डालें, देखे पात।
|
चुरुंगन घोंसला छोड़कर बाहर आया। उसने डालें और पत्ते देखे। |
कच्चे-पक्के फल पहचाने,
खाए और गिराए काट।
कविता में कवि की क्या विनती है?