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कविता में यथार्थ स्वीकारने की बात क्यों कही गई है? - Hindi Course - A

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Question

कविता में यथार्थ स्वीकारने की बात क्यों कही गई है?

One Line Answer

Solution

‘छाया मत छूना’ कविता में यथार्थ को स्वीकारने की बात इसलिए कही गई है क्योंकि वर्तमान का यथार्थ ही सत्य होता है। भूतकाल की बातें बनकर रह जाती हैं और भविष्य के बारे में कुछ ज्ञान नहीं होता है। अच्छे भविष्य के बारे में सोचते रहना कल्याण करना है। यथार्थ से ही हमारा जीवन चलता है। ये यथार्थ हमारे साहस और धैर्य की परीक्षा लेते हैं तथा जीवन पथ को सुगम बनाते हैं।

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छाया मत छूना
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Chapter 7: गिरिजाकुमार माथुर - छाया मत छूना - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi - Kshitij Part 2 Class 10
Chapter 7 गिरिजाकुमार माथुर - छाया मत छूना
अतिरिक्त प्रश्न | Q 6

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