Advertisements
Advertisements
Question
किन पंक्तियों से ज्ञात होता है कि आज मनुष्य प्रकृति के नैसर्गिक सौंदर्य की अनुभूति से वंचित है?
Solution
नीचे दी गई पंक्तियों से ज्ञात होता है कि आज मनुष्य प्रकृति की अनुभूति से वंचित है।-
कल मैंने जाना कि वसंत आया।
और यह कैलेंडर से मालूम था
अमुक दिन अमुक बार मदनमहीने की होवेगी पंचमी
दफ़्तर में छुट्टी थी- यह था प्रमाण
और कविताएँ पढ़ते रहने से यह पता था
कि दहर-दहर दहकेंगे कहीं ढाक के जंगल
आम बौर आवेंगे
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
वसंत आगमन की सूचना कवि को कैसे मिली?
'कोई छः बजे सुबह ......... फिरकी सी आई, चली गई'- पंक्ति में निहित भाव स्पष्ट कीजिए।
'प्रकृति मनुष्य की सहचरी है' इस विषय पर विचार व्यक्त करते हुए आज के संदर्भ में इस कथन की वास्तविकता पर प्रकाश डालिए।
'वसंत आया' कविता में कवि की चिंता क्या है? उसका प्रतिपाद्य लिखिए?
वसंत ऋतु पर किन्हीं दो कवियों की कविताएँ और इस कविता से उनका मिलान कीजिए?
भारत में ऋतुओं का चक्र बताइए और उनके लक्षण लिखिए।